मुंबई: भारत के डिजिटल भुगतान नेटवर्क Unified Payments Interface यानी UPI में मर्चेंट फीस की अनुमति देने की दिशा में बदलाव से बड़े भुगतान ऐप्स को अतिरिक्त राजस्व मिलने की संभावना है। Reuters की 22 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, Walmart-backed PhonePe और Google Pay इस बदलाव से सालाना करोड़ों डॉलर का अतिरिक्त राजस्व हासिल कर सकते हैं।
बड़े ऐप्स को क्यों होगा फायदा?
UPI पर लेनदेन का बड़ा हिस्सा कुछ प्रमुख ऐप्स के जरिए होता है। मर्चेंट से शुल्क लेने की व्यवस्था शुरू होने पर उच्च लेनदेन मात्रा वाले प्लेटफॉर्म को स्वाभाविक रूप से अधिक कमाई का अवसर मिलेगा। Reuters के विश्लेषण के अनुसार इससे मौजूदा प्रमुख खिलाड़ियों की बाजार स्थिति और मजबूत हो सकती है।
छोटे ऐप्स के सामने चुनौती
छोटे UPI ऐप्स के लिए बड़ी समस्या यह हो सकती है कि वे समान पैमाने पर लेनदेन नहीं करते। ऐसे में शुल्क आधारित राजस्व मॉडल में बड़े प्लेटफॉर्म को प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिल सकता है। हालांकि शुल्क की अंतिम संरचना और उसके लागू होने का प्रभाव नीति के वास्तविक क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।
तथ्य स्रोत: Reuters, 22 सितंबर 2026।