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उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन तमिलनाडु दौरा 2025

संपादक: Ghar Tak Express News | प्रकाशित: 27 Oct 2025, 04:57 PM
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भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन 28 से 30 अक्टूबर, 2025 तक तमिलनाडु के तीन दिवसीय दौरे पर रहेंगे। यह उनका उपराष्ट्रपति पद संभालने के बाद का पहला राज्य स्तरीय दौरा है। इस दौरान राज्य के चार मुख्य जनपदों—कोयंबटूर, तिरुप्पुर, मदुरै और रामनाथपुरम—का जायजा लेगें और विभिन्न सांस्कृतिक, सामाजिक और आधिकारिक कार्यक्रमों में भाग भी लेंगे।

सूत्रों के अनुसार, उपराष्ट्रपति 26 और 27 अक्टूबर को सेशेल्स गणराज्य की आधिकारिक यात्रा पर थे, जहाँ उन्होंने राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लिया। सेशेल्स से लौटने के बाद वे सीधे तमिलनाडु के कोयंबटूर पहुंचेंगे।

28 अक्टूबर को कोयंबटूर कार्यक्रम

उपराष्ट्रपति श्री राधाकृष्णन का स्वागत कोयंबटूर हवाई अड्डे पर राज्य सरकार और जिला प्रशासन के अधिकारियों द्वारा किया जाएगा। इसके बाद वे कोयंबटूर जिला लघु उद्योग संघ (CODISSIA) में “कोयंबटूर नागरिक मंच द्वारा आयोजित हुए अभिनंदन समारोह में सभी लोग शामिल होंगे।

इसके बाद वे टाउन हॉल निगम भवन स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे और राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि देंगे। दोपहर में उपराष्ट्रपति कोयंबटूर के पेरूर मठ पहुंचेंगे, जहाँ वे संत शांतालिंगा रामासामी आदिगलर की शताब्दी समारोह में शामिल होंगे। यह समारोह तमिलनाडु की संत परंपरा और आध्यात्मिक विरासत को समर्पित है।

शाम को उपराष्ट्रपति तिरुप्पुर के लिए रवाना होंगे। वहाँ पहुंचकर वे महात्मा गांधी और स्वतंत्रता सेनानी तिरुप्पुर कुमारन की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे।

29 अक्टूबर को तिरुप्पुर और मदुरै कार्यक्रम

29 अक्टूबर को उपराष्ट्रपति तिरुप्पुर में एक विशेष सम्मान समारोह में शामिल होंगे, जहाँ स्थानीय उद्योगपतियों, उद्यमियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा उनका अभिनंदन किया जाएगा। तिरुप्पुर को देश और विदेश में वस्त्र उद्योग के प्रमुख केंद्र के रूप में माना जाता है। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति आस पास उद्योगों के विकास, युवाओं के कौशल उन्नयन और ‘मेक इन इंडिया’ जैसी योजनाओं से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा कर सकते हैं।

शाम को उपराष्ट्रपति मदुरै पहुंचेंगे। वहाँ वे प्रसिद्ध मीनाक्षी अम्मन मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे और राज्य की धार्मिक व सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करेंगे। मंदिर प्रशासन के प्रतिनिधि उन्हें पारंपरिक सम्मान देंगे।

30 अक्टूबर को रामनाथपुरम कार्यक्रम

दौरे के आखिरी दिन यानी 30 अक्टूबर को उपराष्ट्रपति रामनाथपुरम जनपद के पसुम्पोन गांव पहुंचेंगे। यहाँ वे पसुम्पोन मुथुरामलिंगा थेवर जयंती कार्यक्रम में सम्लीत हाेगें। थेवर तमिलनाडु के महान स्वतंत्रता सेनानी और समाज सुधारक माने जाते हैं। हर साल उनके जन्मदिन पर राज्य सरकार और हजारों श्रद्धालु इस आयोजन में शामिल होते हैं।

उपराष्ट्रपति इस अवसर पर थेवर जी के योगदान को याद करेंगे और समाज में समानता, शिक्षा और सामाजिक न्याय के उनके संदेश को आगे बढ़ाने का आह्वान कर सकते हैं।

तमिलनाडु दौरे का महत्व

श्री सी.पी. राधाकृष्णन का यह दौरा कई मायनों में खास है। यह उपराष्ट्रपति बनने के बाद उनका पहला दौरा है और तमिलनाडु उनका गृह राज्य भी है। राधाकृष्णन का जन्म और राजनीतिक जीवन तमिलनाडु से गहराई से जुड़ा रहा है। वे कोयंबटूर लोकसभा क्षेत्र से दो बार सांसद रह चुके हैं और राज्य की राजनीति और संस्कृति से भली-भांति परिचित हैं।

उनकी यह यात्रा न केवल स्थानीय जनता के बीच जुड़ाव बढ़ाने का अवसर है, बल्कि राज्य और केंद्र सरकार के बीच समन्वय को और मजबूत करने का संकेत भी मानी जा रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उपराष्ट्रपति का यह दौरा राज्य के सामाजिक और आर्थिक मुद्दों पर संवाद बढ़ाने की दिशा में अहम कदम होगा। खासकर उद्योग, शिक्षा, और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े आयोजनों में उनकी उपस्थिति तमिलनाडु के लोगों के लिए गौरव का विषय है।

सेशेल्स यात्रा से जुड़ा संदर्भ

तमिलनाडु यात्रा से ठीक पहले उपराष्ट्रपति ने 26 और 27 अक्टूबर को सेशेल्स गणराज्य की आधिकारिक यात्रा की थी। वहाँ उन्होंने राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के शपथ ग्रहण समारोह में भारत की ओर से भाग लिया। यह उनकी उपराष्ट्रपति के रूप में पहली अंतरराष्ट्रीय यात्रा थी, जिसने भारत-सेशेल्स संबंधों को और मजबूती दी।