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श्वेत वस्तुओं के लिए पीएलआई योजना को मिली नई गति 13 कंपनियों ने 1,914 करोड़ रुपये के निवेश का किया संकल्प

✍ Ghar Tak Express News 📅 November 14, 2025 ⏱️ 1 मिनट पढ़ने का समय

नई दिल्ली, 13 नवंबर 2025 (PIB Delhi): भारत सरकार की उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना (PLI Scheme) के तहत श्वेत वस्तुओं (White Goods) यानी एयर कंडीशनर (AC) और एलईडी लाइट्स (LED Lights) के क्षेत्र में निवेश की रफ्तार तेज़ हो गई है। चौथे दौर में कुल 13 कंपनियों ने 1,914 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है।
यह पहल न केवल भारत में विनिर्माण (Manufacturing) को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “मेक इन इंडिया (Make in India) और आत्मनिर्भर भारत (Atmanirbhar Bharat) मिशन को और गति देने वाला साबित हो रहा है।

पीएलआई योजना के चौथे चरण में बढ़ा निवेश

उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) द्वारा शुरू की गई इस योजना में आवेदन की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2025 से 10 नवंबर 2025 तक रखी गई थी। इस दौरान कुल 13 कंपनियों से आवेदन प्राप्त हुए हैं जिनमें से एक कंपनी पहले से इस योजना की लाभार्थी रही है और उसने अतिरिक्त 15 करोड़ रुपये निवेश का संकल्प लिया है।

AC निर्माण से जुड़े नौ आवेदकों ने 1,816 करोड़ रुपये के संचयी निवेश का प्रस्ताव दिया है। यह कुल निवेश का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा है। इन निवेशों का मुख्य फोकस तांबे की ट्यूब (Copper Tubes), एल्युमीनियम स्टॉक (Aluminium Stock), कंप्रेसर (Compressors), मोटर (Motors), हीट एक्सचेंजर (Heat Exchangers), कंट्रोल असेंबली (Control Assemblies) और अन्य हाई-वैल्यू कंपोनेंट्स पर रहेगा। यह निवेश न केवल स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला (Local Supply Chain) को मजबूत करेगा, बल्कि आयात पर निर्भरता को भी कम करेगा।

बाकी चार कंपनियों ने एलईडी लाइट कंपोनेंट्स निर्माण के लिए 98 करोड़ रुपये के निवेश की योजना बनाई है। इनमें एलईडी चिप्स (LED Chips), ड्राइवर्स (Drivers), और हीट सिंक (Heat Sinks) जैसे महत्वपूर्ण घटकों का उत्पादन शामिल होगा। यह निवेश भारत को ऊर्जा-सक्षम प्रकाश उत्पादों के निर्माण में आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।

इन 13 नए आवेदकों में 50 प्रतिशत से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) शामिल हैं। यह तथ्य इस बात का संकेत है कि भारतीय एमएसएमई सेक्टर अब उच्च तकनीकी विनिर्माण क्षेत्र में आत्मविश्वास के साथ कदम बढ़ा रहा है। एयर कंडीशनर और एलईडी लाइट्स के घटकों के उत्पादन में एमएसएमई की भागीदारी से न केवल रोजगार सृजन होगा, बल्कि स्थानीय तकनीकी नवाचार को भी बल मिलेगा।

पीएलआई योजना के तहत प्रस्तावित निवेश 6 राज्यों के 13 जिलों और 23 स्थानों में फैला हुआ है।यह क्षेत्रीय औद्योगिक विकास (Regional Industrial Development) को गति देगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि करेगा। इससे भारत के अलग-अलग हिस्सों में एक संतुलित विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र (Balanced Manufacturing Ecosystem) विकसित होगा।

पीएलआई योजना के तहत अब तक कुल 80 स्वीकृत लाभार्थियों से 10,335 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित किया गया है। सरकार को उम्मीद है कि इस योजना से कुल 1.72 लाख करोड़ रुपये का उत्पादन (Production Output) होगा और देशभर में लगभग 60,000 प्रत्यक्ष रोजगार (Direct Employment) सृजित होंगे। यह भारत के औद्योगिक क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है, जो देश को वैश्विक विनिर्माण केंद्र (Global Manufacturing Hub) बनाने की दिशा में अग्रसर कर रहा है।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 7 अप्रैल 2021 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने श्वेत वस्तुओं के लिए पीएलआई योजना को मंजूरी दी थी। इस योजना का कुल परिव्यय (Outlay) 6,238 करोड़ रुपये है। इसका मुख्य उद्देश्य भारत में एयर कंडीशनर और एलईडी लाइट्स के लिए एक संपूर्ण घटक-आधारित विनिर्माण इकोसिस्टम विकसित करना है। इस योजना से:

  • घरेलू मूल्यवर्धन (Domestic Value Addition) को वर्तमान 15–20% से बढ़ाकर 75–80% तक ले जाने का लक्ष्य है।
  • इससे भारत एसी और एलईडी निर्माण के क्षेत्र में एक प्रमुख वैश्विक खिलाड़ी (Global Player) के रूप में उभर सकेगा।
  • स्थानीय उद्योगों में आधुनिक तकनीक, सप्लाई चेन दक्षता, और निर्यात क्षमता में उल्लेखनीय सुधार आएगा।
   
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