रामोजी उत्कृष्टता पुरस्कार 2025 उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन का संबोधन मीडिया से

हैदराबाद, 17 नवंबर 2025 | PIB Delhi
उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने रविवार को हैदराबाद स्थित प्रतिष्ठित रामोजी फिल्म सिटी में आयोजित प्रथम रामोजी उत्कृष्टता पुरस्कार 2025 समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया। यह आयोजन रामोजी समूह के स्थापना दिवस और इसके संस्थापक श्री रामोजी राव की जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में देश के कई प्रमुख राजनेता, उद्योगपति, फिल्मी हस्तियां और विशिष्ट जन उपस्थित थे।
रामोजी राव दूरदर्शी राष्ट्र निर्माता
अपने संबोधन में उपराष्ट्रपति ने कहा कि रामोजी राव केवल मीडिया जगत की एक बड़ी शख्सियत ही नहीं थे बल्कि एक ऐसे दूरदर्शी राष्ट्र निर्माता थे जिन्होंने विचारों को मजबूत संस्थाओं में बदलने की क्षमता दिखाई। उन्होंने बताया कि ईनाडु समूह से लेकर ईटीवी नेटवर्क और विश्व प्रसिद्ध रामोजी फिल्म सिटी तक श्री राव के योगदान ने भारतीय मीडिया और मनोरंजन जगत में क्रांति ला दी। उपराष्ट्रपति ने कहा कि सत्य, नैतिकता और उत्कृष्टता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। उन्होंने कहा कि रामोजी उत्कृष्टता पुरस्कार की शुरुआत श्री राव की विरासत और विचारों को आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण कदम है।
सात श्रेणियों में प्रदान किए गए पुरस्कार
समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को सात श्रेणियों में सम्मानित किया गया। पुरस्कार विजेता इस प्रकार रहे
- ग्रामीण विकास: श्रीमती अमला अशोक रुइया
- युवा आइकन: श्री श्रीकांत बोल्ला
- विज्ञान और प्रौद्योगिकी: प्रो. माधवी लता गली
- मानवता की सेवा: श्री आकाश टंडन
- कला और संस्कृति: प्रो. सथुपति प्रसन्ना श्री
- पत्रकारिता: श्री जयदीप हार्डिकर
- महिला उपलब्धि: श्रीमती पल्लबी घोष
उपराष्ट्रपति ने सभी पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं को उत्कृष्टता के अग्रदूत बताते हुए कहा कि उनकी यात्रा और उपलब्धियां समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए लाखों लोगों को प्रेरित करेंगी।

मीडिया की भूमिका जागरूक नागरिक वर्ग का निर्माण
अपने भाषण में उपराष्ट्रपति ने भारतीय मीडिया की भूमिका पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रेस को चौथे स्तंभ के रूप में देखा जाता है और यह एक जागरूक नागरिक समाज के निर्माण में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि आज सूचना की अधिकता और गलत सूचनाओं के दौर में नैतिक, सत्यनिष्ठ और जिम्मेदार पत्रकारिता पहले से कहीं ज्यादा आवश्यक है। उपराष्ट्रपति ने मीडिया संगठनों से आग्रह किया कि वे राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं और समाज में सकारात्मक परिवर्तन की कहानियों को सामने लाएं।
विकसित भारत @ 2047 मीडिया की अहम भूमिका
उपराष्ट्रपति ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री के विजन विकसित भारत @ 2047 का उल्लेख किया और कहा कि मीडिया को इस मिशन में भागीदार बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश नवाचार, स्टार्ट-अप, महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण विकास और तकनीकी प्रगति की गति पर आगे बढ़ रहा है, और मीडिया का कर्तव्य है कि वह इन उपलब्धियों को उजागर करे। उन्होंने कहा कि सत्य और निष्पक्षता मीडिया संस्थानों की बुनियाद हैं और इन्हें हर हाल में बनाए रखना चाहिए।
नशामुक्त भारत और फेक न्यूज से निपटने में मीडिया की भूमिका
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने समाज में बढ़ती नशे की समस्या पर चिंता जताई और कहा कि नशामुक्त भारत बनाने में मीडिया का योगदान जरूरी है। उन्होंने नागरिकों को सच्ची और नकली खबरों के बीच अंतर समझाने में मीडिया की बड़ी भूमिका बताई खासकर इस दौर में जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस गलत सूचनाओं को तेजी से फैलाता है। उन्होंने कहा कि मीडिया को जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को सही जानकारी देने में सहयोग करना चाहिए।
रामोजी समूह की पहल की सराहना
उपराष्ट्रपति ने रामोजी समूह की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह पुरस्कार केवल सम्मान नहीं है बल्कि श्री रामोजी राव की विरासत को उद्देश्यपूर्ण कार्य में बदलने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि यह समारोह इस बात को साबित करता है कि जब उत्कृष्टता को सत्यनिष्ठा के साथ अपनाया जाता है तो इसका लाभ पूरे राष्ट्र और मानवता को मिलता है।


