केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल व्यापार प्रौद्योगिकी और निवेश पर उच्च स्तरीय वार्ता के लिए इजराइल जाएंगे

प्रविष्टि तिथि : 19 नवंबर 2025 | स्रोत : PIB दिल्ली
भारत और इजराइल के बीच तेजी से विकसित हो रहे रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को नई दिशा देने के उद्देश्य से केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल 20 से 22 नवंबर 2025 तक इजराइल की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। यह यात्रा इजराइल के अर्थव्यवस्था एवं उद्योग मंत्री श्री नीर बरकत के औपचारिक निमंत्रण पर हो रही है जो दोनों देशों के बीच बढ़ती साझेदारी को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इस उच्च स्तरीय यात्रा में मंत्री के साथ सीआईआई, फिक्की, एसोचैम और स्टार्ट-अप इंडिया से जुड़े लगभग 60 सदस्यों का प्रमुख व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी शामिल होगा। यह प्रतिनिधिमंडल विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग और निवेश को नई गति देने के उद्देश्य से इजराइली उद्योग जगत के साथ संवाद करेगा।
ऊर्जा प्रौद्योगिकी और व्यापार तीन बड़े फोकस क्षेत्र
भारत और इजराइल ने पिछले एक दशक में रक्षा, कृषि, जल प्रबंधन, साइबर सुरक्षा और उभरती प्रौद्योगिकियों जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। इस यात्रा का प्रमुख उद्देश्य इन सहयोग क्षेत्रों को नई दिशा देना और व्यापार एवं निवेश को तीव्र गति प्रदान करना है। पीयूष गोयल अपनी यात्रा के दौरान इजराइल के शीर्ष नेतृत्व के साथ उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इस दौरान उनके अपने समकक्ष नीर बरकत और अन्य वरिष्ठ मंत्रियों से मुलाकात की संभावना है। इन चर्चाओं का मुख्य विषय होगा
- भारत-इजराइल व्यापार संबंधों का गहन विस्तार
- उन्नत प्रौद्योगिकी एवं नवाचार क्षेत्रों में साझेदारी
- कृषि, जल संरक्षण, विलवणीकरण और बुनियादी ढांचे में सहयोग
- उन्नत विनिर्माण और रक्षा क्षेत्र में नई संभावनाएं
- जीवन विज्ञान और हेल्थटेक में संयुक्त उद्यम
- स्टार्ट-अप इकोसिस्टम को मजबूत बनाने पर नई पहलें
इन चर्चाओं के दौरान लंबे समय से प्रस्तावित भारत-इजराइल मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की प्रगति की समीक्षा भी की जा सकती है। एफटीए को दोनों देशों के बीच व्यापार का नया युग माना जा रहा है जो निवेश को नई दिशा देगा।

भारत-इजराइल व्यापार फोरम में होगा बड़ा उद्योग संवाद
श्री गोयल तेल अवीव में आयोजित भारत-इजराइल व्यापार फोरम में भी शामिल होंगे। इस महत्वपूर्ण आयोजन में दोनों देशों के व्यापारिक संघ, उद्योगपति, निवेशक और नवाचार क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि शामिल होंगे।
कार्यक्रम में होगा:
- उद्घाटन और पूर्ण समापन सत्र
- सेक्टोरल तकनीकी चर्चाएं
- विभिन्न क्षेत्रों में B2B बैठकें
- निवेश और संयुक्त उद्यमों की संभावनाओं पर विचार
- प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में नई साझेदारी का रोडमैप
उसी दौरान दोनों देशों के प्रमुख उद्योगपतियों के साथ सीईओ फोरम का चौथा संस्करण भी आयोजित किया जाएगा जो व्यापारिक सहयोग का एक प्रभावशाली मंच है।
कृषि जल प्रबंधन और साइबर सुरक्षा पर विशेष ध्यान
भारत और इजराइल के बीच कृषि और जल प्रबंधन हमेशा से एक प्रमुख सहयोग क्षेत्र रहा है। इजराइल के पास जल संरक्षण, सूक्ष्म सिंचाई, विलवणीकरण और अपशिष्ट जल उपचार तकनीकों में विश्वस्तरीय विशेषज्ञता है। इसलिए मंत्री गोयल इन क्षेत्रों में काम कर रही इजराइली कंपनियों के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करेंगे।
बैठकों के प्रमुख फोकस क्षेत्र होंगे:
- डिजिटल कृषि
- स्मार्ट सिंचाई और फसल प्रबंधन तकनीक
- विलवणीकरण और जल पुनर्चक्रण तकनीक
- साइबर सुरक्षा और स्मार्ट मोबिलिटी समाधान
- ग्रीन ऊर्जा और बुनियादी ढांचा नवाचार
भारत के तेजी से बढ़ते टेक-इकोसिस्टम को देखते हुए इजराइल इन क्षेत्रों में साझेदारी को अत्यंत महत्वपूर्ण मानता है।
इजराइली निवेशकों के साथ रणनीतिक मुलाकातें
मंत्री गोयल इजराइल की प्रमुख निवेश कंपनियों वीसी (वेंचर कैपिटल फंड) टेक जायंट्स और उभरते स्टार्ट-अप से जुड़े निवेशकों के साथ भी विचार-विमर्श करेंगे। इसका उद्देश्य है:
- भारत में निवेश को आकर्षित करना
- टेक्नोलॉजी हस्तांतरण को बढ़ावा देना
- संयुक्त रिसर्च एवं डेवलपमेंट योजनाओं को प्रोत्साहित करना
- भारत-इजराइल औद्योगिक साझेदारी को मजबूत करना
इजराइली निवेशक भारत के उभरते बाजार और डिजिटल परिवर्तन को विश्व में सबसे तेज मानते हैं। ऐसे में यह यात्रा निवेश बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगी।
इजराइल को दुनिया का स्टार्ट-अप नेशन कहा जाता है। नवाचार और तकनीकी समाधान में यह देश अग्रणी है। श्री गोयल इस दौरान
- प्रमुख इनोवेशन सेंटर
- टेक्नोलॉजी पार्क
- विश्वस्तरीय अनुसंधान संस्थान
- डीप-टेक और साइबर सुरक्षा हब
का दौरा करेंगे। इससे भारत-इजराइल के टेक-इकोसिस्टम के बीच सीधा जुड़ाव और सहयोग की नई संभावनाएं खुलेंगी।

भारतीय समुदाय के साथ संवाद भी महत्वपूर्ण हिस्सा
पीयूष गोयल तेल अवीव में भारतीय समुदाय और भारतीय मूल के व्यापारिक नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। इजराइल में भारतीय समुदाय अपनी उपलब्धियों व्यापारिक गतिविधियों और शोध नवाचारों के लिए एक मजबूत पहचान रखता है। यह मुलाकात भारत-इजराइल संबंधों में लोगों-से-लोगों के जुड़ाव को और सशक्त करेगी।
भारत-इजराइल संबंधों में नई दिशा की उम्मीद
इस यात्रा से निम्न लाभ मिलने की उम्मीद है:
- व्यापार और निवेश संबंधों में नई गति
- अभिनव तकनीक और स्टार्ट-अप साझेदारी को नया आधार
- एफटीए वार्ताओं में संभावित प्रगति
- कृषि और जल प्रबंधन में बड़े संयुक्त प्रोजेक्ट
- रक्षा और उन्नत विनिर्माण में बढ़ता सहयोग
- साइबर सुरक्षा, डिजिटल टेक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में नई पहल
भारत और इजराइल दोनों ही ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्थाएं हैं। दोनों देशों की सामरिक जरूरतें और विकास प्राथमिकताएं कई क्षेत्रों में समानता रखती हैं। ऐसे में यह यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को एक नई ऊंचाई दे सकती है।


