गोरखपुर में जी+6 फॉरेंसिक लैब का लोकार्पण उत्तर प्रदेश में अपराध पर जीरो टॉलरेंस नीति और मजबूत

उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि नया प्रदेश अपराध और अपराधियों को किसी भी रूप में स्वीकार नहीं करता। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य लगातार कानून का राज स्थापित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठा रहा है। इसी क्रम में आज जनपद गोरखपुर में अत्याधुनिक और उच्चीकृत जी+6 क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला (Regional Forensic Science Laboratory) का लोकार्पण किया गया जो उत्तर प्रदेश की आधुनिक पुलिसिंग को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर किसी ने अपराध किया है, तो उसे उसकी कीमत चुकानी ही पड़ेगी। उत्तर प्रदेश अपराधी को संरक्षण नहीं, दंड देता है। यह वक्तव्य प्रदेश की सख्त और परिणाम-केंद्रित कानून-व्यवस्था का प्रत्यक्ष उदाहरण है।
अत्याधुनिक फॉरेंसिक लैब त्वरित, सटीक और वैज्ञानिक जांच का नया युग
गोरखपुर में स्थापित नई जी+6 मंजिला फॉरेंसिक लैब पूर्वांचल के पुलिस तंत्र के लिए एक बड़ा वरदान साबित होगी। अब अपराध से जुड़े सबूतों की जांच के लिए दूर-दराज की लैब पर निर्भरता कम होगी और मामलों की रिपोर्ट भी तेज़ी से उपलब्ध हो पाएगी।
लैब की प्रमुख विशेषताएँ—
- उन्नत DNA परीक्षण यूनिट
- अत्याधुनिक साइबर फॉरेंसिक सेल
- फिंगरप्रिंट और फुटप्रिंट विश्लेषण सुविधाएं
- ड्रग्स, विस्फोटक, टॉक्सिकोलॉजी जांच लैब
- हाई-सिक्योरिटी डिजिटल एविडेंस स्टोरेज सिस्टम
- आधुनिक सुरक्षा और स्वचालित मशीनरी
- प्रशिक्षित वैज्ञानिकों और विश्लेषकों की विशेष टीम
इस विशाल जी+6 भवन में कई विभाग एक साथ संचालित होंगे जिससे अपराध से जुड़ी जांच प्रक्रिया अत्यधिक तेज और विश्वसनीय बनेगी।

क्यों कहा जा रहा है यह लैब गेम चेंजर ?
आज की आधुनिक पुलिसिंग विज्ञान और तकनीक पर आधारित है। अपराधी भले तकनीक का दुरुपयोग करें लेकिन राज्य की एजेंसियां अब उससे कहीं अधिक उन्नत हैं।
नई लैब अपराध जांच को तीन बड़े तरीकों से बदल देगी—
1. त्वरित रिपोर्टिंग से तेज़ न्याय
पहले कई मामलों में फॉरेंसिक रिपोर्ट आने में महीनों लग जाते थे। इससे न केवल केस लंबित रहते थे बल्कि न्याय की प्रक्रिया भी धीमी पड़ती थी।
नई लैब से रिपोर्टिंग टाइम बेहद कम होगा जिससे पीड़ित को तेज़ न्याय मिलेगा।
2. तकनीकी मजबूती से अपराधियों की नो एस्केप पॉलिसी
अत्याधुनिक सुविधाओं के चलते सबूतों की विश्वसनीयता बढ़ेगी। डिजिटल, साइबर, DNA, टॉक्सिकोलॉजी—हर क्षेत्र में सटीक और वैज्ञानिक जांच से अपराधियों के बच निकलने के रास्ते बंद हो जाएंगे।
3. पुलिसिंग को मिलेगा आधुनिक वैज्ञानिक आधार
अब पुलिस केवल गवाहों या पारंपरिक जांच प्रक्रिया पर आश्रित नहीं रहेगी। विज्ञान आधारित जांच से पूरी अपराध-नियंत्रण व्यवस्था अधिक प्रोफेशनल और आधुनिक होगी। यही कारण है कि इस लैब को मॉडर्न पुलिस का गेम चेंजर बताया जा रहा है।

पूर्वांचल के लिए बड़ी सौगात
गोरखपुर और आस-पास के जिलों—देवरिया, कुशीनगर, संतकबीरनगर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर तथा बस्ती—में अपराध से जुड़े केसों की संख्या काफी होती है। नई फॉरेंसिक लैब से इन जिलों को बड़ी राहत मिलेगी।
मुख्य लाभ:
- जांच में तेज़ी
- लंबित केसों का जल्द निस्तारण
- स्थानीय स्तर पर वैज्ञानिक जांच की उपलब्धता
- पुलिस और न्यायालय दोनों का समय बचेगा
- अपराधियों पर त्वरित कार्रवाई संभव
मुख्यमंत्री ने दी जनपदवासी को बधाई
लोकार्पण के दौरान मुख्यमंत्री ने गोरखपुर और उत्तर प्रदेश के नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि यह सुविधा प्रदेश में न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश आज देश में सबसे तेज़ी से कानून-व्यवस्था सुधारने वाला राज्य बन चुका है। अत्याधुनिक फॉरेंसिक लैब जनता को सरल सुगम और त्वरित न्याय देने में अभूतपूर्व भूमिका निभाएगी। पूर्वांचल के लिए यह बड़ा कदम है।

अपराध के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति में एक और मजबूत कदम
पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल की हैं—
- माफियाओं की संपत्ति जब्त/ध्वस्तीकरण
- गैंगस्टर और संगठित अपराध पर सख्त कार्रवाई
- फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से त्वरित सजा
- महिला सुरक्षा हेतु 1090, पिंक बूथ, एंटी रोमियो स्क्वॉड
- साइबर क्राइम हॉटलाइन और कंट्रोल रूम की मजबूती
गोरखपुर की यह नई फॉरेंसिक लैब इस क्राइम कंट्रोल नेटवर्क को और अधिक शक्तिशाली बनाएगी।


