स्वर्णिम बिहार के लिए फिर से NDA सरकार जनता का अपार जनसमर्थन पटना में दिखा उत्साह

पटना 4 नवंबर 2025
बिहार की राजनीति एक बार फिर गरम है, लेकिन इस बार माहौल में उम्मीदों की नई लहर भी दिखाई दे रही है। “स्वर्णिम बिहार के लिए फिर से NDA सरकार” का नारा पूरे राज्य में गूंज रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय नेताओं के नेतृत्व में एनडीए ने जनसभाओं, रोड शो और संवाद कार्यक्रमों के ज़रिए जनता तक यह संदेश पहुँचाया है कि बिहार को विकास, रोजगार और सुशासन के रास्ते पर आगे ले जाने के लिए एक बार फिर स्थिर सरकार की जरूरत है।
जनता का भरोसा और स्वर्णिम बिहार का विजन
एनडीए नेताओं का कहना है कि यह चुनाव सिर्फ सत्ता में वापसी का नहीं बल्कि बिहार की अस्मिता और विकास की दिशा तय करने का चुनाव है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा, हमने बिहार को अंधकार से निकालकर विकास के रास्ते पर लाया है। अब ‘स्वर्णिम बिहार’ की दिशा में और तेज़ी से बढ़ने का समय है। बिजली, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में जो काम हुआ है, उसे आगे बढ़ाना ही हमारा लक्ष्य है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पटना में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, बिहार ने जो बदलाव देखा है, वह एनडीए के सुशासन का परिणाम है। भाजपा और जदयू मिलकर एक ऐसे बिहार का निर्माण करेंगे जो आत्मनिर्भर, सुरक्षित और समृद्ध होगा।

पटना में उमड़ा जनसैलाब, जनता ने दिखाया विश्वास
राजधानी पटना में एनडीए की जनसभा में भारी भीड़ उमड़ी। लोग अपने हाथों में फिर से NDA सरकार – स्वर्णिम बिहार हमारा सपना लिखे बैनर और झंडे लिए दिखाई दिए। महिलाओं और युवाओं की भागीदारी इस बात का संकेत थी कि सरकार की योजनाओं का सीधा लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुँचा है। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार ने कई योजनाओं के जरिए आम लोगों के जीवन में सुधार लाया है। पटना के रहने वाले विवेक कुमार कहते हैं, पहले बिजली और सड़कों की बहुत दिक्कत थी, लेकिन अब गाँवों तक चौड़ी सड़कें हैं और 24 घंटे बिजली मिलती है। लोग अब रोजगार की उम्मीद कर रहे हैं, और इसके लिए एनडीए पर भरोसा है।
विकास कार्य और जनहित योजनाएँ बनीं चुनाव की धुरी
एनडीए सरकार के कार्यकाल में बिहार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और बुनियादी ढांचे में तेज़ी से सुधार देखा है।
राज्य में नए मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज और औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किए गए हैं। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना और मुख्यमंत्री सात निश्चय कार्यक्रम ने गाँवों को शहरों से जोड़ा है। महिला सशक्तिकरण की दिशा में जीविका समूह और आरक्षण नीति ने बड़ी भूमिका निभाई। वहीं, छात्रों के लिए मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना और कौशल विकास केंद्रों से हजारों युवाओं को रोजगार मिला है। कृषि क्षेत्र में भी राज्य सरकार ने सिंचाई, बीज वितरण और कृषि ऋण माफी जैसी योजनाएँ लागू कीं, जिससे किसानों की आय बढ़ी है।

बिहार की अस्मिता’ और स्थिरता का संदेश
एनडीए के नेता लगातार यह संदेश दे रहे हैं कि यह चुनाव बिहार की अस्मिता और विकास की निरंतरता का चुनाव है। नीतीश कुमार ने कहा हमारे सामने चुनौती यह है कि जो काम हमने शुरू किया है वह रुकना नहीं चाहिए। बिहार को राजनीतिक अस्थिरता नहीं विकास की निरंतरता चाहिए। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने कहा बिहार ने अराजकता और पिछड़ापन झेला है। एनडीए की सरकार ने कानून का राज स्थापित किया और बिहार को देश के विकास मानचित्र पर लाया। अब हमें इस परिवर्तन को स्थायी बनाना है।
एनडीए नेताओं ने पटना की जनता के प्रति विशेष आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा पटना वासियों ने जिस विश्वास और प्रेम से हमारा स्वागत किया है वह हमारे लिए प्रेरणा है। यह अपार जन समर्थन बताता है कि बिहार की जनता स्थिर जवाबदेह और विकासोन्मुख सरकार चाहती है। कार्यक्रम के दौरान लोगों ने जय बिहार – जय एनडीए के नारे लगाए। मंच से लेकर मैदान तक एक ही संदेश था — विकास की रफ्तार रुकनी नहीं चाहिए।
एनडीए नेताओं ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष के पास न तो कोई ठोस नीति है न विजन।
अमित शाह ने कहा विपक्ष सिर्फ नकारात्मक राजनीति करता है। उन्हें बिहार के विकास की नहीं सत्ता की चिंता है। लेकिन बिहार की जनता समझदार है वह तय कर चुकी है कि स्वर्णिम बिहार का रास्ता सिर्फ एनडीए से होकर गुजरता है। जनसभाओं में भाजपा और जदयू के कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर जनसंपर्क अभियान भी शुरू किया है।

भविष्य की रूपरेखा स्वर्णिम बिहार मिशन 2030
एनडीए ने अपने चुनाव अभियान में स्वर्णिम बिहार मिशन 2030 का ब्लूप्रिंट पेश किया है। इसमें युवाओं को रोजगार देने किसानों की आय दोगुनी करने महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने और हर जिले में नए औद्योगिक क्लस्टर स्थापित करने की योजना है। साथ ही हर गाँव तक इंटरनेट स्वास्थ्य सुविधा और पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। केंद्र और राज्य की संयुक्त परियोजनाओं के ज़रिए बिहार को पूर्वी भारत का औद्योगिक हब बनाने की रूपरेखा तैयार की गई है।


