राष्ट्रीय एकता दिवस 2025: सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर अमित शाह का संबोधन

पटना, 30 अक्टूबर 2025 – केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज बिहार की राजधानी पटना में आयोजित प्रेस वार्ता में राष्ट्रीय एकता दिवस 2025 के अवसर पर सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती वर्ष समारोह के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल सिर्फ एक व्यक्ति नहीं बल्कि एक विचारधारा हैं, जिन्होंने भारत की एकता और अखंडता की नींव रखी।
श्री शाह ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 31 अक्टूबर को एकता नगर (केवड़िया) में आयोजित होने वाली भव्य राष्ट्रीय एकता परेड की सलामी लेंगे। इस परेड में CAPFs, कई राज्यों के पुलिस बल और 900 से अधिक कलाकार भाग लेंगे, जो देश की वीरता, अनुशासन और सांस्कृतिक विविधता का प्रदर्शन करेंगे।
सरदार पटेल ने भारत को जोड़ा, आज का नक्शा उनकी देन है
गृह मंत्री ने कहा कि सरदार पटेल ने स्वतंत्रता के बाद देश को एकजुट करने का कठिन कार्य किया। अंग्रेजों द्वारा छोड़ी गई 562 रियासतों को एक भारत में मिलाने का कार्य उन्होंने पूरा किया। उन्होंने कहा, “पूरी दुनिया को लगता था कि यह असंभव है, लेकिन सरदार साहब ने इसे कर दिखाया। आज का भारत उनके उसी अद्भुत प्रयास का परिणाम है। श्री शाह ने बताया कि सरदार पटेल ने भोपाल, काठियावाड़, त्रावणकोर, जूनागढ़ और हैदराबाद जैसी रियासतों की समस्याओं को सुलझाया और पाकिस्तान द्वारा कॉरिडोर बनाने की साजिश को नाकाम किया।
विपक्ष ने सरदार पटेल को भुलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी
अमित शाह ने कहा कि सरदार पटेल जैसे महान व्यक्तित्व को भारत रत्न मिलने में 41 साल की देरी हुई। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने सरदार पटेल को लंबे समय तक भुलाने का प्रयास किया, जबकि उन्होंने आज़ादी के आंदोलन से लेकर भारत के एकीकरण तक अपना जीवन देश को समर्पित किया था। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने सरदार पटेल की स्मृति में स्टेच्यू ऑफ यूनिटी बनाने का निर्णय लिया। यह 182 मीटर ऊंची प्रतिमा आज भारत की इंजीनियरिंग उपलब्धियों का प्रतीक बन चुकी है।

स्टेच्यू ऑफ यूनिटी बना भारत का गौरव
श्री शाह ने बताया कि स्टेच्यू ऑफ यूनिटी के निर्माण में देशभर के किसानों से जुटाए गए औजारों से 25 हजार टन लोहा इस्तेमाल किया गया। प्रतिमा में 90 हजार घनमीटर कंक्रीट और 1700 टन कांसा लगा है। उन्होंने कहा कि अब तक ढाई करोड़ से अधिक लोग इस स्मारक को देखने आ चुके हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने इस क्षेत्र को पर्यटन हब के रूप में विकसित किया है, जिसमें वैली ऑफ फ्लावर, एकता नगर टाउनशिप, झील सर्किट, लाइट एंड साउंड शो, पटेल गार्डन, एकता क्रूज़, जंगल सफारी, बटरफ्लाई गार्डन और एकता मॉल जैसे आकर्षण शामिल हैं।
एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना को ज़मीन पर उतारने का प्रयास
गृह मंत्री ने कहा कि हर वर्ष 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता परेड 26 जनवरी की तरह नियमित रूप से आयोजित की जाएगी। इस वर्ष की परेड में CRPF के 5 शौर्य चक्र विजेता और BSF के 16 वीरता पदक विजेता भी शामिल होंगे। इस परेड का नेतृत्व महिला पुलिस अधिकारियों द्वारा किया जाएगा। BSF का ऊंट दल, गुजरात का घुड़सवार दस्ता, असम पुलिस का मोटरसाइकिल डेयरडेविल शो, और वायुसेना की सूर्यकिरण टीम इस आयोजन को भव्य बनाएंगे। देश के 900 से अधिक कलाकार अपनी लोककला, नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारत की विविधता को प्रदर्शित करेंगे।
भारत पर्व’ का आयोजन 1 से 15 नवंबर तक
श्री शाह ने बताया कि सरदार पटेल और भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में एकता नगर में 1 से 15 नवंबर तक “भारत पर्व” का आयोजन किया जाएगा। इसमें देशभर की जनजातियों की संस्कृति, परंपरा, वेशभूषा, हस्तकला और संगीत को प्रदर्शित किया जाएगा। 15 नवंबर को इस पर्व का समापन जनजातीय संस्कृति के भव्य कार्यक्रम के साथ होगा।

सरदार पटेल प्रेरणा हैं, उनका जीवन राष्ट्र को समर्पित था”
अमित शाह ने कहा कि सरदार पटेल ने बिना किसी प्रचार और यश की चाह के देश की सेवा की। उन्होंने बताया कि 15 अगस्त 1947 को जब देश आज़ादी मना रहा था, तब सरदार पटेल लक्षद्वीप ऑपरेशन की निगरानी कर रहे थे, जिससे यह द्वीप भारत का हिस्सा बना। उन्होंने कहा, सरदार साहब का जीवन हमें सिखाता है कि देश की एकता सर्वोपरि है। उनका समर्पण हमें हर बार प्रेरित करता है कि भारत की अखंडता को बनाए रखना हमारा कर्तव्य है।


