राष्ट्रीय एकता दिवस 2025 लखनऊ में सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर श्रद्धांजलि और रन फॉर यूनिटी से गूंजा एकता का संदेश

भारत माता के महान सपूत और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर आज पूरे देश में राष्ट्रीय एकता दिवस 2025 हर्षोल्लास और गर्व के साथ मनाया गया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में सरदार पटेल जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। मुख्य अतिथियों, अधिकारियों, युवा प्रतिभागियों और बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति ने इस आयोजन को एक जनआंदोलन का स्वरूप दे दिया। समारोह के बाद एक भारत-आत्मनिर्भर भारत के संदेश के साथ राष्ट्रीय एकता दौड़ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

सरदार वल्लभभाई पटेल भारत की एकता के शिल्पकार
सरदार वल्लभभाई पटेल भारत के उन महान नेताओं में से हैं जिन्होंने देश की आज़ादी के बाद 562 रियासतों को एकजुट कर अखंड भारत की नींव रखी। उन्हें भारत का लौह पुरुष और एकता के शिल्पकार के रूप में जाना जाता है। उनके दृढ़ संकल्प, राजनीतिक कौशल और अटूट देशभक्ति ने भारत को एक एकीकृत राष्ट्र के रूप में स्थापित किया। सरदार पटेल का यह योगदान आज भी हमारे संविधान, शासन व्यवस्था और राष्ट्रीय एकता की भावना में जीवंत है। राष्ट्रीय एकता दिवस हर वर्ष 31 अक्टूबर को उनके सम्मान में मनाया जाता है ताकि युवा पीढ़ी में देशभक्ति और एकजुटता की भावना को मजबूत किया जा सके।
लखनऊ में श्रद्धांजलि और आयोजन की झलक
लखनऊ के प्रतिष्ठित स्थल पर आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान से हुई। इसके बाद सरदार वल्लभभाई पटेल जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की गई।
राज्य के मंत्रीगण, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस बल, छात्र-छात्राएं और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि इस मौके पर मौजूद रहे। कार्यक्रम में वक्ताओं ने सरदार पटेल के जीवन, उनके संघर्ष और भारत की एकता में उनके योगदान को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि आज का भारत जिस दृढ़ता और संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है, उसकी जड़ें सरदार पटेल की दूरदर्शिता में ही निहित हैं।

रन फॉर यूनिटी’: एक भारत, आत्मनिर्भर भारत का संदेश
श्रद्धांजलि के बाद का शुभारंभ किया गया। इस दौड़ में बड़ी संख्या में युवा, स्कूली छात्र, एनसीसी कैडेट, पुलिस जवान और आम नागरिक शामिल हुए।
यह दौड़ केवल खेलकूद की गतिविधि नहीं थी, बल्कि यह भारत की विविधता में एकता का प्रतीक बनी। रन फॉर यूनिटी का उद्देश्य देश के हर नागरिक में यह भावना जगाना है कि भारत की ताकत उसकी एकता में है। युवाओं ने हाथों में तिरंगा लेकर जय भारत, वंदे मातरम् और “सरदार पटेल अमर रहें जैसे नारे लगाए। यह दृश्य वाकई प्रेरणादायक था और यह दिखा रहा था कि देश की युवा पीढ़ी सरदार पटेल के आदर्शों पर चलते हुए एक आत्मनिर्भर और सशक्त भारत के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।
लखनऊ की सड़कों पर जब रन फॉर यूनिटी आगे बढ़ी, तो हर उम्र और वर्ग के लोग एकजुट दिखे। छोटे बच्चे, कॉलेज के छात्र, महिलाएं और बुजुर्ग – सभी इस आयोजन में सक्रिय रूप से शामिल हुए। कार्यक्रम स्थल पर “एक भारत श्रेष्ठ भारत” के बैनर और पोस्टर लगाए गए थे, जिन पर सरदार पटेल के प्रेरणादायक उद्धरण लिखे थे। युवाओं ने कहा कि सरदार साहब ने जिस भारत का सपना देखा था, वह तभी साकार होगा जब हर नागरिक अपने स्तर पर एकता, अनुशासन और समर्पण की भावना रखेगा।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी जनता को राष्ट्रीय एकता दिवस की शुभकामनाएं दीं।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि सरदार पटेल ने हमें सिखाया कि राष्ट्र की एकता और अखंडता सर्वोपरि है। हमें उसी भावना से विकसित भारत’ की दिशा में आगे बढ़ना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के कार्यक्रम में उपस्थित होकर कहा कि रन फॉर यूनिटी केवल दौड़ नहीं, बल्कि यह भारत की आत्मा को मजबूत करने वाला आंदोलन है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे सरदार पटेल के आदर्शों को अपने जीवन में उतारें।
राष्ट्रीय एकता दिवस मनाने का उद्देश्य यह याद दिलाना है कि भारत की शक्ति उसकी विविधता और सामूहिकता में है। धर्म, भाषा, संस्कृति या भौगोलिक भिन्नताओं के बावजूद, हमारा देश एक सूत्र में बंधा है — और यह सूत्र सरदार वल्लभभाई पटेल की दूरदर्शिता से मजबूत हुआ। यह दिन युवाओं को यह प्रेरणा देता है कि वे समाज में एकजुटता, सद्भावना और सेवा की भावना को बढ़ावा दें।

आज का दिन सिर्फ एक जयंती नहीं, बल्कि एक प्रेरणा का अवसर है। सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन से हम सीख सकते हैं कि कठिन परिस्थितियों में भी कैसे दृढ़ रहना है, कैसे राष्ट्रहित को सर्वोच्च रखना है। लखनऊ में आयोजित यह कार्यक्रम इस बात का प्रमाण है कि भारत आज भी अपने महान नायकों की विचारधारा को जीवित रखे हुए है। हर वर्ष की तरह इस बार भी राष्ट्रीय एकता दिवस ने देशवासियों को यह संदेश दिया कि जब हम एक हैं, तभी भारत सशक्त है।


