संवादाताः मुकेश साहनी‚घर तक एक्सप्रेस। GT Express

15 अगस्त, 1947 का दिन हमारे देश के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में लिखा गया है। यह वह दिन है जब भारत ने ब्रिटिश शासन की लंबी दासता से मुक्ति पाई और स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में दुनिया के सामने आया। यह दिन सिर्फ एक राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि हमारे गौरव, बलिदान और संकल्प का प्रतीक है।
आज के दिन हम उन अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों को याद करते हैं, जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर हमें यह आज़ादी दिलाई। महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद, अशफ़ाक़ उल्ला ख़ान और हजारों-अनगिनत नाम—इनके त्याग और साहस ने हमें एक आज़ाद देश दिया। उनके बलिदानों के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम उनके दिखाए रास्ते पर चलें और अपने देश को विकास की नई ऊंचाइयों पर पहुंचाएं।
एक ग्राम पंचायत अधिकारी के रूप में मैं महसूस करता हूं कि भारत की असली ताकत उसके गांवों में बसती है। जब गांव प्रगति करेंगे, तभी देश सशक्त और आत्मनिर्भर बनेगा। शिक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं का विकास ही असली स्वतंत्रता है। आज हमें मिलकर यह संकल्प लेना चाहिए कि हम अपने गांव को साफ, सुरक्षित, शिक्षित और प्रगतिशील बनाएंगे।
स्वतंत्रता दिवस हमें यह भी याद दिलाता है कि आज़ादी केवल एक अधिकार नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी भी है। हमें अपने समाज में एकता, भाईचारा और सद्भाव बनाए रखना होगा। चाहे वह पर्यावरण की रक्षा हो, कानून का पालन हो या ईमानदारी से कार्य करना—हर कदम पर हमें देशहित को प्राथमिकता देनी होगी।
भारत की विविधता उसकी सबसे बड़ी शक्ति है। अलग-अलग भाषाएं, संस्कृतियां और परंपराएं होने के बावजूद हम सब भारतीय हैं और यही हमारी पहचान है। हमें इस एकता को बनाए रखना है, क्योंकि यही हमारी आज़ादी की असली ताकत है।
इस अवसर पर मैं कप्तानगंज और पूरे कुशीनगर के सभी नागरिकों को स्वतंत्रता दिवस की ढेर सारी शुभकामनाएं देता हूं। आइए, हम सब मिलकर संकल्प लें कि हम अपने देश की एकता और अखंडता की रक्षा करेंगे, अपने कर्तव्यों का पालन करेंगे और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मजबूत और समृद्ध भारत छोड़कर जाएंगे।
जय हिंद!
जय भारत!
राघवेंद्र कुमार पटेल
ग्राम पंचायत अधिकारी
कप्तानगंज, कुशीनगर
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