संपादकः मुकेश साहनी घर तक एक्सप्रेस न्युज। प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को बिहार के गयाजी की पावन धरती से 12 हजार करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि “गयाजी की यह भूमि न केवल भगवान बुद्ध को बोध कराने वाली पावन भूमि है, बल्कि यह अध्यात्म और शांति का प्रतीक भी है।” इस अवसर पर बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी, राजीव रंजन सिंह, चिराग पासवान, राम नाथ ठाकुर, नित्यानंद राय, सतीश चंद्र दुबे, राज भूषण चौधरी, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा, बिहार सरकार के अन्य मंत्रीगण एवं सांसद उपस्थित रहे। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बिहार की डबल इंजन सरकार ने गयाजी के विकास को नई गति दी है। “आज एक ही दिन में स्वास्थ्य, ऊर्जा और शहरी विकास से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट्स का शुभारंभ हुआ है। इनसे न केवल बिहार के उद्योगों को ताकत मिलेगी बल्कि युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे।” उन्होंने विशेष रूप से गयाजी में बने अस्पताल और रिसर्च सेंटर का उल्लेख करते हुए कहा कि अब बिहार के लोगों को कैंसर उपचार की और सुविधाएं मिलेंगी।
प्रधानमंत्री ने गरीबों के लिए चलाई जा रही योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “गरीब को पक्का घर देना मेरा सबसे बड़ा संकल्प है। जब तक हर जरूरतमंद को घर नहीं मिल जाता, मोदी चैन से नहीं बैठेगा।” उन्होंने बताया कि पिछले 11 सालों में 4 करोड़ से अधिक पक्के घर बनाए जा चुके हैं। अकेले बिहार में 38 लाख से अधिक आवास बने हैं और गया जिले में 2 लाख से ज्यादा परिवारों को अपना पक्का घर मिला है। उन्होंने कहा कि घर केवल चार दीवारें नहीं हैं, बल्कि सम्मान, सुविधा और सुरक्षा की गारंटी हैं। मगध क्षेत्र के 16 हजार से अधिक परिवारों को आज ही पक्का घर सौंपते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि “इस बार इन परिवारों के लिए दिवाली और छठ पूजा की रौनक और भी अधिक होगी।” उन्होंने वादा किया कि पीएम आवास योजना तब तक जारी रहेगी जब तक हर गरीब परिवार को अपना घर नहीं मिल जाता। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार चाणक्य और चंद्रगुप्त मौर्य की धरती है। आतंकवाद के खिलाफ अपनी दृढ़ नीति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि “जब कश्मीर में आतंकी हमला हुआ था, मैंने बिहार की धरती से आतंकवादियों को मिट्टी में मिलाने का संकल्प लिया था। आज दुनिया देख रही है कि वह संकल्प पूरा हुआ है। ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की रक्षा नीति को नई दिशा दी है।” प्रधानमंत्री ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सख्त कानून लाने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि “अब प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्री भी भ्रष्टाचार विरोधी कानून के दायरे में आएंगे। अगर कोई नेता जेल जाएगा तो 31वें दिन उसे अपनी कुर्सी छोड़नी होगी।” उन्होंने कहा कि यह कदम जनता की ईमानदारी और संविधान की मर्यादा की रक्षा के लिए आवश्यक है।
घुसपैठियों के मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार के सीमावर्ती जिलों में डेमोग्राफी तेजी से बदल रही है। उन्होंने घोषणा की कि “डेमोग्राफी मिशन” शुरू किया जाएगा जिसके तहत घुसपैठियों को देश से बाहर किया जाएगा। उन्होंने जनता से पूछा कि “क्या घुसपैठिए आपके रोजगार और जमीन छीन लें, आपको मंजूर है?” सभा में उपस्थित भीड़ ने एक स्वर में ‘नहीं’ कहकर प्रधानमंत्री का समर्थन किया। प्रधानमंत्री ने बिहार के औद्योगिक विकास पर भी प्रकाश डाला। गयाजी जिले के डोभी में बिहार का सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। बक्सर, औरंगाबाद और भागलपुर में नए थर्मल पावर प्लांट शुरू किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि “जब बिजली उत्पादन बढ़ेगा तो न केवल घरों में बिजली पहुंचेगी बल्कि उद्योगों और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।” प्रधानमंत्री ने युवाओं के रोजगार पर बोलते हुए नई शुरू हुई “प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना” का उल्लेख किया। इसके तहत युवाओं को पहली निजी नौकरी करने पर 15,000 रु0 केंद्र सरकार की ओर से मिलेंगे। उन्होंने कहा कि “इस योजना का सबसे अधिक लाभ बिहार के युवाओं को मिलेगा।” प्रधानमंत्री ने कांग्रेस और आरजेडी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि “लालटेन राज में बिहार अंधेरे में डूबा हुआ था। माओवादी आतंक और बिजली की कमी से बिहार पिछड़ा हुआ था। कांग्रेस और आरजेडी ने जनता के पैसों को अपनी तिजोरी भरने का साधन बनाया।” उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार की प्राथमिकता समय सीमा में परियोजनाओं को पूरा करना है।
प्रधानमंत्री ने औंटा–सिमरिया सेक्शन पुल के लोकार्पण का जिक्र करते हुए कहा कि यह पुल न केवल उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ेगा बल्कि व्यापार और तीर्थयात्रा को भी गति देगा। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार में शुरू हुए प्रोजेक्ट अधूरे नहीं रहते, वे पूरे होकर रहते हैं। रेलवे विकास पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि गयाजी स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत आधुनिक बनाया जा रहा है। यहां यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने बताया कि गयाजी अब राजधानी, जनशताब्दी और वंदे भारत ट्रेनों से जुड़ा हुआ है, जिससे किसानों, व्यापारियों और युवाओं को नए अवसर मिलेंगे। अपने भाषण के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि “2014 से शुरू हुआ मेरा सेवाकाल आपके आशीर्वाद से निरंतर जारी है। इतने वर्षों में हमारी सरकार पर भ्रष्टाचार का एक भी दाग नहीं लगा। भ्रष्टाचार से मुक्त भारत बनाना देश के कोटि-कोटि लोगों का संकल्प है और यह संकल्प अवश्य सिद्ध होगा।”
Source : PIB | रिपोर्ट : मुकेश साहनी : GT Express न्यूज़ डेस्क |
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