📅 05 अक्टूबर 2026 | 📍 नई दिल्ली, भारत
GHAR TAK EXPRESS NEWS

भारत का अपना न्यूज़ पोर्टल

ब्रेकिंग न्यूज़
🔴 यूक्रेन पहुंचे जर्मन चांसलर मर्ज, रूस के हमलों के बीच 1.35 अरब यूरो की मदद और ड्रोन समझौते पर नजर🔴 पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर बड़ा हादसा: सैनिक का शव लेकर देवरिया जा रही एंबुलेंस ट्रक से टकराई, 4 की मौत🔴 फिरोजाबाद की टायर फैक्ट्री में भीषण आग, दमकल की कई गाड़ियां मौके पर; जांच की तैयारी🔴 एशियन गेम्स 2026 का समापन, भारत ने शानदार प्रदर्शन के साथ अभियान पूरा किया🔴 यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ बड़ा सैन्य अभियान शुरू, क्षेत्रीय तनाव बढ़ा🔴 OPEC+ का बड़ा फैसला, नवंबर में तेल उत्पादन लक्ष्य में नहीं होगा बदलाव🔴 दिल्ली-मुंबई में वोटर लिस्ट विवाद पर प्रदर्शन तेज, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग🔴 ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने से किया इनकार, वैश्विक तेल आपूर्ति पर बढ़ी चिंता🔴 भारत को हराकर वेस्टइंडीज ने रचा इतिहास, शाई होप की 162* की पारी से 352 रन का रिकॉर्ड चेज🔴 दिल्ली में वोटर लिस्ट विवाद पर फिर बवाल, प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया

PM मोदी का उज्बेकिस्तान दौरा: व्यापार, ऊर्जा और रक्षा सहयोग पर बढ़ा जोर

संपादक: Arvind Kumar Sahani |प्रकाशित: 30 अगस्त 2026, 12:47 अपराह्न
WhatsApp Facebook
PM मोदी का उज्बेकिस्तान दौरा: व्यापार, ऊर्जा और रक्षा सहयोग पर बढ़ा जोर

ताशकंद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मध्य एशिया यात्रा के दौरान भारत और उज्बेकिस्तान ने व्यापार, पर्यटन, स्वास्थ्य, ऊर्जा और रक्षा सहित कई क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने पर जोर दिया है। प्रधानमंत्री मोदी 29 अगस्त 2026 से उज्बेकिस्तान की यात्रा पर हैं और इसके बाद किर्गिस्तान के बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।

30 अगस्त की रिपोर्टों के अनुसार ताशकंद में भारत और उज्बेकिस्तान के नेतृत्व के बीच द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने पर चर्चा हो रही है। दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों के साथ स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग का आधार मौजूद है।

मध्य एशिया में भारत की रणनीतिक प्राथमिकता

भारत के लिए मध्य एशिया व्यापार, ऊर्जा, सुरक्षा और संपर्क के लिहाज से महत्वपूर्ण क्षेत्र है। उज्बेकिस्तान के साथ बढ़ता सहयोग इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा है। दोनों देशों के बीच बहुपक्षीय मंचों, खासकर SCO, में भी नियमित संवाद होता है।

अब बिश्केक में SCO शिखर सम्मेलन

उज्बेकिस्तान यात्रा के बाद प्रधानमंत्री मोदी बिश्केक जाएंगे, जहां 31 अगस्त और 1 सितंबर को SCO नेताओं का शिखर सम्मेलन प्रस्तावित है। इस मंच पर सुरक्षा, क्षेत्रीय संपर्क और आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दों पर भारत का दृष्टिकोण सामने आने की उम्मीद है।

भारत के लिए इसका क्या महत्व है?

उज्बेकिस्तान के साथ सहयोग का असर व्यापार और निवेश के अलावा ऊर्जा सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा तथा क्षेत्रीय कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों पर पड़ सकता है। मध्य एशिया के साथ भारत के संबंधों में उज्बेकिस्तान एक महत्वपूर्ण साझेदार है।

आगे क्या होगा?

उज्बेकिस्तान दौरे के बाद प्रधानमंत्री मोदी के SCO शिखर सम्मेलन में शामिल होने का कार्यक्रम है। वहां क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और संपर्क से जुड़े मुद्दे चर्चा में रह सकते हैं।

स्रोत: Indian Express, 30 अगस्त 2026; उपलब्ध आधिकारिक यात्रा विवरण।