नेपाल निषाद परिषद लुम्बिनी प्रदेश का प्रथम अधिवेशन
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नेपाल निषाद परिषद लुम्बिनी प्रदेश का प्रथम अधिवेशन भव्य रूप से सम्पन्न जीवन सहानी निषाद

 संवादाताः मुकेश साहनी‚घर तक एक्सप्रेस। सियारी गाउँपालिका — निषाद समुदाय की सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से नेपाल निषाद परिषद लुम्बिनी प्रदेश का प्रथम अधिवेशन तथा बृहत अन्तरक्रिया कार्यक्रम 07 अगस्त 2025 को सियारी गाउँपालिका बहुउद्देशीय सभा हल में भव्य रूप से आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन श्री समयमाई निषाद समाज संघ के तत्वावधान में हुआ, जिसमें समुदाय के सैकड़ों प्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों, युवाओं और महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मुख्य अतिथि के रूप में नेपाल निषाद परिषद के केन्द्रीय अध्यक्ष श्री जितेन्द्र साहनी निषाद उपस्थित रहे। उन्होंने अधिवेशन का विधिवत उद्घाटन किया और समुदाय को एकजुट होकर सामाजिक न्याय की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

कार्यक्रम की रूपरेखा और महत्व

यह अधिवेशन न केवल लुम्बिनी प्रदेश के निषाद समुदाय के लिए ऐतिहासिक था, बल्कि यह पूरे नेपाल में निषाद समाज के राजनीतिक एवं सामाजिक चेतना के नव जागरण का प्रतीक बना।
कार्यक्रम की शुरुआत वन्दना और सांस्कृतिक प्रस्तुति से हुई, जिसमें निषाद समाज की पारंपरिक विरासत को मंच पर जीवंत किया गया। स्वागत भाषण आयोजक मंडल के वरिष्ठ सदस्य श्री राकेश निषाद ने दिया, जिन्होंने संगठन की यात्रा और इसके उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।

प्रमुख वक्ताओं में समाजसेवी, शिक्षाविद्, युवा प्रतिनिधि और महिला कार्यकर्ता शामिल थे, जिन्होंने निषाद समाज की शिक्षा, राजनीतिक सहभागिता, आरक्षण की स्थिति, सांस्कृतिक पहचान और समावेशी विकास जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार साझा किया।

अध्यक्षीय चयन और टीम गठन

अधिवेशन का प्रमुख आकर्षण था लुम्बिनी प्रदेश अध्यक्ष का निर्वाचन, जिसमें सनो कुमार सहानी (जीवन सहानी निषाद) को सर्वसम्मति से प्रदेश अध्यक्ष चुना गया।
उनके साथ कार्यकारिणी टीम में उपाध्यक्ष, महासचिव, सचिव, कोषाध्यक्ष और विभिन्न विभागों के संयोजकों की भी घोषणा की गई।

निर्वाचित अध्यक्ष ने अपने संबोधन में कहा:

यह मेरे लिए सम्मान की बात है कि आप सभी ने मुझ पर विश्वास जताया। मैं वचन देता हूँ कि निषाद समाज की आवाज को हर मंच पर उठाया जाएगा और समाज को संगठित, शिक्षित और सशक्त बनाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। उनके इस संकल्प को उपस्थित समुदाय ने तालियों की गड़गड़ाहट से समर्थन दिया।

वक्ताओं के विचार और संवाद

कार्यक्रम के दौरान अनेक विद्वान और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने निषाद समाज के समक्ष आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान पर विचार प्रस्तुत किए।
संजीव कुमार निषाद, जो नेपाल के एक प्रख्यात समाजशास्त्री हैं, ने निषाद समाज के ऐतिहासिक योगदान और वर्तमान विस्मरण पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा हमारी पहचान मछली पकड़ने, जल संसाधनों से जुड़ी रही है, परंतु आधुनिक समाज में हमारी भूमिका और भागीदारी को नया आकार देने की आवश्यकता है। शिक्षा और संगठन ही इसका मार्ग हैं। महिला प्रतिनिधि ने महिलाओं की शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर बल देते हुए कहा कि समाज की प्रगति तब ही संभव है जब महिलाएं समान रूप से निर्णय प्रक्रिया में भाग लें।

भविष्य की रणनीति

अधिवेशन के अंत में, एक सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें निम्नलिखित मुख्य बिंदु शामिल थे | शिक्षा अभियान सभी निषाद राजनीतिक सहभागिता स्थानीय निकायों से लेकर राष्ट्रीय राजनीति में निषाद समाज की भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु रणनीति तैयार करना। संस्कृति संरक्षण निषाद समाज के पारंपरिक त्योहारों, वेशभूषा और भाषाओं के संरक्षण हेतु सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन। महिला सशक्तिकरण महिला मंडलों की स्थापना और स्व-रोजगार योजनाओं की शुरुआत।

    कार्यक्रम का नाम

    नेपाल निषाद परिषद लुम्बिनी प्रदेश का प्रथम अधिवेशन तथा बृहत अन्तरक्रिया कार्यक्रम — यह अधिवेशन लुम्बिनी प्रदेश में निषाद समाज की संगठित सामाजिक-राजनीतिक उपस्थिति को मजबूत करने की दिशा में पहला ऐतिहासिक कदम था। इसके माध्यम से संगठन की वैचारिक और संरचनात्मक नींव रखी गई।

    आयोजन समिति

    श्री समयमाई निषाद समाज संघ — यह संगठन समाज के धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक सशक्तिकरण हेतु निरंतर सक्रिय रहा है। अधिवेशन के आयोजन, समन्वय और संचालन की सम्पूर्ण जिम्मेदारी इस संस्था द्वारा निभाई गई, जिसने पूरे आयोजन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।०७ अगस्त २०२५ (वि.सं. २०८२ साउन २२ गते) — यह दिन निषाद समाज के लिए ऐतिहासिक बन गया, जब पहली बार लुम्बिनी प्रदेश स्तर पर एक ऐसा मंच तैयार हुआ, जिसने समाज को एकजुट करने की दिशा में ठोस पहल की। यह तिथि अब स्मरणीय बन चुकी है।

    स्थान

    सियारी गाउँपालिका बहुउद्देशीय सभा हल — यह स्थान रणनीतिक दृष्टिकोण से चुना गया था, जहाँ निषाद समाज की उल्लेखनीय उपस्थिति है। सभा हाल की सुविधाजनक संरचना और केंद्रीय स्थिति ने कार्यक्रम को सहज एवं भव्य रूप प्रदान किया।

    मुख्य अतिथि

    श्री जितेन्द्र साहनी निषाद (केन्द्रीय अध्यक्ष, नेपाल निषाद परिषद) — उन्होंने अधिवेशन का उद्घाटन करते हुए संगठनात्मक एकता, सामाजिक जागरूकता और राजनीतिक सहभागिता को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उनका अनुभव और मार्गदर्शन पूरे कार्यक्रम की आत्मा रहा। श्री सनो कुमार सहानी (जीवन सहानी निषाद) — लुम्बिनी प्रदेश के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि रही कि समाज के युवाओं में से एक कर्मठ, शिक्षित और दूरदृष्टि वाले नेता को अध्यक्ष चुना गया। उनके नेतृत्व में संगठन को नया आयाम मिलने की उम्मीद की जा रही है।

    प्रमुख एजेंडा

    संगठन विस्तार, शिक्षा का प्रचार-प्रसार, राजनीतिक भागीदारी का विस्तार, महिला सशक्तिकरण और सांस्कृतिक जागरूकता — अधिवेशन का उद्देश्य केवल नेतृत्व चयन नहीं था, बल्कि निषाद समाज की व्यापक उन्नति हेतु ठोस कार्ययोजना तैयार करना भी था। शिक्षा को प्राथमिकता, युवाओं का नेतृत्व में समावेश, महिलाओं की भागीदारी और सांस्कृतिक पहचान की पुनर्स्थापना जैसे मुद्दों पर विशेष जोर दिया गया।

    उपस्थिति

    सैकड़ों प्रतिनिधि, बुद्धिजीवी, समाजसेवी, महिलाएं और युवा वर्ग — कार्यक्रम में दूर-दूर से आए निषाद समाज के जागरूक नागरिकों की उपस्थिति रही। इस उत्साहजनक भागीदारी ने यह साबित किया कि समाज अब संगठित रूप में अपनी पहचान और अधिकारों को लेकर जागरूक है। हर आयु वर्ग की भागीदारी ने कार्यक्रम को सामाजिक समरसता और भविष्य के प्रति आश्वस्त भावना प्रदान की।

    रिपोर्ट : मुकेश साहनी : GT Express न्यूज़ डेस्क | AN Next Media Network Private Limited

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