शिवराज सिंह चौहान केंद्रीय मंत्री गुंटूर में करेंगे वॉटरशेड महोत्सव का शुभारंभ

केंद्रीय ग्रामीण विकास कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान कल यानी 11 नवंबर 2025 को आंध्र प्रदेश के गुंटूर में वॉटरशेड महोत्सव का शुभारंभ करेंगे। यह आयोजन ग्रामीण विकास मंत्रालय के भूमि संसाधन विभाग (DoLR) द्वारा आंध्र प्रदेश सरकार के सहयोग से किया जा रहा है। यह महोत्सव राष्ट्रीय वॉटरशेड सम्मेलन 2025 के दूसरे दिन आयोजित होगा जिसका मुख्य उद्देश्य भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में सतत जल और मृदा संरक्षण के प्रयासों को जन आंदोलन में बदलना है।
10-11 नवंबर 2025 तक चलने वाला यह राष्ट्रीय सम्मेलन प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 (WDC-PMKSY 2.0) के तहत चल रही वॉटरशेड परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा और आगामी योजनाओं की रूपरेखा तैयार करने पर केंद्रित है। सम्मेलन में नीति-निर्माताओं विभिन्न मंत्रालयों अनुसंधान संस्थानों और गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान सुबह 11 बजे लोयाला पब्लिक स्कूल ग्राउंड नल्लापाडु गुंटूर से इस महोत्सव का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर केंद्रीय ग्रामीण विकास और संचार राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और नोडल मंत्री श्री कोनिडाला पवन कल्याण सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहेंगे। वॉटरशेड महोत्सव का उद्देश्य ग्रामीण भारत में सामुदायिक भागीदारी के साथ जल संरक्षण और मृदा प्रबंधन को एक सामाजिक आंदोलन बनाना है। इसके तहत पूरे देश में राज्य और स्थानीय स्तर पर वॉटरशेड महोत्सव मनाया जाएगा।
इस महोत्सव के दौरान केंद्रीय मंत्री श्री चौहान मिशन वॉटरशेड पुनरुत्थान की शुरुआत भी करेंगे। इस मिशन का उद्देश्य डब्ल्यूडीसी-पीएमकेएसवाई 1.0 योजना के तहत निर्मित मृदा और जल संरक्षण संरचनाओं की मरम्मत और रखरखाव सुनिश्चित करना है। इसके लिए मनरेगा (MNREGA) के फंड का उपयोग किया जाएगा ताकि इन परिसंपत्तियों को दीर्घकालिक रूप से टिकाऊ बनाया जा सके। मंत्रालय ने इसके लिए एक प्रभावी मॉनिटरिंग सिस्टम भी तैयार किया है, जिससे राज्यों में कार्यों की समयबद्ध प्रगति सुनिश्चित की जा सके।
वॉटरशेड महोत्सव’ के शुभारंभ के बाद श्री शिवराज सिंह चौहान आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री चंद्रबाबू नायडू से भी मुलाकात करेंगे। दोनों नेता कृषि परिवर्तन प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और ग्रामीण आजीविका सुधार के लिए सहयोगात्मक प्रयासों पर चर्चा करेंगे। इसके बाद केंद्रीय मंत्री केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी से भी कुंचनपल्ली स्थित उनके निवास पर भेंट करेंगे।
भारत सरकार का यह प्रयास जल सुरक्षा, कृषि उत्पादकता और ग्रामीण आजीविका को एकीकृत दृष्टिकोण से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है। वॉटरशेड विकास से न केवल भूमिगत जल स्तर में सुधार होगा बल्कि किसानों की सिंचाई लागत भी घटेगी और कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी। ग्रामीण विकास मंत्रालय का मानना है कि जल संरक्षण और मृदा प्रबंधन के क्षेत्र में जन भागीदारी से ही सतत विकास के लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 (WDC-PMKSY 2.0) एक केंद्र प्रायोजित योजना (CSS) है जिसे ग्रामीण विकास मंत्रालय के भूमि संसाधन विभाग द्वारा देशभर में लागू किया जा रहा है। यह योजना विशेष रूप से वर्षा-आधारित और बंजर भूमि वाले क्षेत्रों में जल संरक्षण मृदा पुनरुत्थान और कृषि सुधार के लिए केंद्रित है।
इसके तहत प्रमुख कार्यकलाप हैं—
- चेक डैम, ग्राम तालाब, कृषि तालाबों का निर्माण
- वर्षा जल संचयन और स्प्रिंग शेड विकास
- नर्सरी स्थापना और वृक्षारोपण अभियान
- चारागाह विकास
- परिसंपत्तिहीन ग्रामीणों के लिए आजीविका गतिविधियाँ


