संवादाताः मुकेश साहनी‚घर तक एक्सप्रेस। गोरखपुर जिले के पिपराइच थाना क्षेत्र स्थित प्राथमिक विद्यालय महराजी में देशभक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। स्कूल प्रबंधक के नेतृत्व में 13 अगस्त 2025 को भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई, जिसमें विद्यालय के शिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। यह यात्रा सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि तिरंगे के प्रति प्रेम, सम्मान और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बन गई। प्राथमिक विद्यालय महराजी में आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 9 बजे विद्यालय परिसर से हुई। सबसे पहले विद्यालय के प्रबंधक ने राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी और उपस्थित जनसमूह को देश की अखंडता, एकता और भाईचारे का संदेश दिया। इसके बाद तिरंगा यात्रा विद्यालय से निकलकर गांव की मुख्य गलियों, चौराहों और प्रमुख मार्गों से होती हुई वापस विद्यालय परिसर में पहुंची। यात्रा के दौरान बच्चों ने हाथों में तिरंगा लेकर “वंदे मातरम्”, “भारत माता की जय” और “जय हिंद” के नारों से वातावरण को देशभक्ति के रंग में रंग दिया।
इस यात्रा में विद्यालय के सभी अध्यापक शामिल रहे, जिन्होंने बच्चों को तिरंगे के महत्व और उसके सही उपयोग के बारे में बताया। उन्होंने समझाया कि तिरंगा सिर्फ कपड़े का एक टुकड़ा नहीं, बल्कि देश की आत्मा और सम्मान का प्रतीक है, जिसे हर भारतीय को दिल से सम्मान देना चाहिए। बच्चों ने अपने सिर पर तिरंगे की पट्टियां, हाथों में छोटे-छोटे राष्ट्रीय ध्वज और कुछ ने तिरंगे की थीम पर बने परिधान पहनकर यात्रा में भाग लिया, जिससे पूरा माहौल और भी रंगीन और जोशीला हो गया।
तिरंगा यात्रा इस दौरान स्कूल प्रबंधक ने कहा कि ऐसे आयोजन न सिर्फ बच्चों में देशभक्ति की भावना जगाते हैं, बल्कि उन्हें अपने देश के इतिहास, स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और लोकतंत्र के महत्व से भी परिचित कराते हैं। सभी ने मिलकर यह संकल्प लिया कि तिरंगे की आन, बान और शान को हमेशा बनाए रखेंगे। अंत में उपस्थित सभी लोगों कार्यक्रम राष्ट्रगान के साथ संपन्न हुआ।
तिरंगे के प्रति प्रेम और सम्मान
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर प्राथमिक विद्यालय महराजी में निकाली गई तिरंगा यात्रा ने पूरे गांव में देशभक्ति की लहर दौड़ा दी। छोटे-छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी में एक अनोखा उत्साह देखने को मिला। हाथों में तिरंगा थामे, सिर पर तिरंगे की पट्टी बांधे बच्चे पूरे जोश और गर्व के साथ “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के नारे लगा रहे थे। यात्रा के दौरान गांव की गलियों में देशभक्ति के गीत गूंज उठे, जिससे वातावरण राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग गया। विभिन्न स्थानों पर ग्रामीणों ने बच्चों का स्वागत किया, उन पर फूलों की वर्षा की और मिठाई बांटी। यह क्षण न केवल आनंददायक था, बल्कि स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान की याद दिलाने वाला भी बना।
तिरंगे का महत्व
राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा भारत की एकता, अखंडता और गौरव का सर्वोच्च प्रतीक है। यह केवल कपड़े का एक टुकड़ा नहीं, बल्कि हर भारतीय की आत्मा और सम्मान का प्रतीक है। तिरंगे के तीन रंग हमारे देश की गहरी सोच और मूल्यों को दर्शाते हैं—केसरिया रंग साहस और बलिदान का प्रतीक है, सफेद रंग सत्य और शांति का, और हरा रंग समृद्धि का। बीच में स्थित अशोक चक्र न्याय और प्रगति का प्रतीक है।
विद्यालय का योगदान
इस आयोजन को सफल बनाने में प्राथमिक विद्यालय महराजी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विद्यालय के प्रबंधक और शिक्षकों ने न केवल बच्चों को तिरंगे का महत्व समझाया, बल्कि उन्हें देशभक्ति के गीत, कविताएं और नाटकों के माध्यम से राष्ट्रप्रेम का संदेश भी दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बच्चों की प्रस्तुतियों ने माहौल को और भी जोशीला बना दिया। ग्रामीण समुदाय ने भी सक्रिय रूप से सहयोग किया—किसी ने यात्रा के दौरान जलपान की व्यवस्था की, तो किसी ने फूलों से स्वागत किया। इस तरह यह आयोजन केवल विद्यालय तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे गांव का उत्सव बन गया, जिसने सबको एक सूत्र में बांध दिया।
रिपोर्ट : मुकेश साहनी : GT Express न्यूज़ डेस्क | AN Next Media Network Private Limited
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