लखेसरा नाली निर्माण
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लखेसरा गांव में बनी 100 मीटर नाली दो महीने में टूटी ग्रामीणों ने लगाया घटिया निर्माण का आरोप

संपादकः मुकेश साहनी घर तक एक्सप्रेस न्युज। गोरखपुर जनपद के पिपराईच क्षेत्र अंतर्गत लखेसरा गांव में बनी लगभग 100 मीटर लंबी नाली महज दो महीने में ही क्षतिग्रस्त हो गई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया, जिसके कारण नाली का हिस्सा समय से पहले टूट गया। नाली के टूटने से गांव में गंदा पानी इकट्ठा होने लगा है, जिससे न केवल आवागमन प्रभावित हो रहा है, बल्कि बीमारी फैलने का भी खतरा बढ़ गया है।

लखेसरा

ग्रामीणों का कहना है कि नाली का निर्माण लाखों रुपये की लागत से हुआ था। निर्माण कार्य शुरू होते ही कई लोगों ने उसकी गुणवत्ता पर सवाल उठा था । अब जब नाली टूटकर बेकार हो गई है, तो यह स्पष्ट हो गया है कि निर्माण कार्य में लापरवाही और भ्रष्टा० चार हुआ। लखेसरा गांव के निवासियों ने बताया कि लगभग 100 मीटर लंबी नाली का निर्माण दो माह पूर्व कराया गया था। लेकिन नाली के निर्माण में न तो सही ईंटों का इस्तेमाल हुआ और न ही मसाले की गुणवत्ता पर ध्यान दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण के दौरान ही दरारें दिखाई देने लगी थीं। अब स्थिति यह है कि नाली टूट-फूट कर जगह-जगह से धंस गई है |

नाली का टूटना ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बन गया है। गंदा पानी घरों के सामने जमा होने से दुर्गंध फैल रही है और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। इसके अलावा, सड़क किनारे गंदगी फैलने से लोगों का आवागमन भी बाधित हो सकती है। ग्रामीणों ने कहा कि यह नाली गांव के निकास मार्ग को साफ-सुथरा रखने के लिए बनाई गई थी, लेकिन अब यह खुद समस्या बन चुकी है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि ईंटें और सीमेंट कमज़ोर थे और मजदूरों को भी सही दिशा-निर्देश नहीं दिए गए। नतीजतन, नाली का काम जल्दबाजी में पूरा कर दिया गया। स्थानीय लोगों ने में चेताया था, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। अब जब नाली टूट गई है, तो ग्रामीणों का आक्रोश और भी बढ़ गया है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि नाली का निर्माण कार्य दोबारा कराया जाए और दोषी पर कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस मुद्दे पर शीघ्र कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो वे आंदोलन करेंगे। गोरखपुर जनपद के पिपराईच क्षेत्र अंतर्गत लखेसरा गांव में बनी 100 मीटर लंबी नाली महज दो महीने में ही टूट गई है। यह नाली गांव के जल निकासी की मुख्य व्यवस्था मानी जाती थी, लेकिन इसके निर्माण में हुई लापरवाही और घटिया सामग्री के उपयोग ने ग्रामीणों को नाराज कर दिया है। नाली का टूटना न केवल गांव की स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि प्रशासन की कार्यप्रणाली और ठेकेदार की जिम्मेदारी पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।

ग्रामीणों का आरोप है कि नाली के निर्माण में घटिया ईंटों और कमजोर सीमेंट का उपयोग किया गया। कई लोगों ने बताया कि निर्माण के दौरान ही नाली में दरारें और कमजोर जोड़ साफ दिखाई दे रहे थे, नतीजा यह हुआ कि दो महीने भी पूरे नहीं हुए और नाली का बड़ा हिस्सा टूटकर धंस गया। टूटी हुई नाली से अब गंदा पानी बाहर निकलकर सड़क और घरों के सामने फैलने लगा है। गली-कूचों में पानी जमा होने से ग्रामीणों का आवागमन कठिन हो गया है। इस गंदगी से दुर्गंध फैल रही है और मच्छरों की संख्या भी बढ़ गई है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा मंडराने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि नाली निर्माण के समय ही कई खामियां दिखाई दे रही थीं। नाली टूटने से लाखों रुपये की बर्बादी हो गई है और जनता को परेशानी झेलनी पड़ रही है।

ग्रामीणों ने नाली के निर्माण कार्य की स्वतंत्र जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। लोगों ने यह भी कहा कि केवल मरम्मत कर देने से समस्या का हल नहीं होगा, बल्कि पूरे काम की जांच जरूरी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि निर्माण में किस स्तर की अनियमितताएं हुईं। गुस्से में भरे ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि यह मामला सिर्फ नाली का नहीं, बल्कि जनता की सुरक्षा, स्वास्थ्य और पैसे की बर्बादी से जुड़ा है। यदि दोषियों को सजा नहीं मिली, तो भविष्य में भी इसी तरह जनता के साथ धोखा होता रहेगा।

रिपोर्ट : मुकेश साहनी : GT Express न्यूज़ डेस्क | 

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