गोरखपुर में Transforming Transportation पर DFCCIL का एक्सक्लूसिव इंटरेक्शन प्रोग्राम संपन्न

गोरखपुर।
भारत की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, तेज और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक अहम पहल के तहत डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (DFCCIL) द्वारा Transforming Transportation विषय पर एक भव्य एक्सक्लूसिव इंटरेक्शन प्रोग्राम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 13 जनवरी 2026 को मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MMMUT) गोरखपुर में सुबह 11 बजे से आयोजित हुआ।
इस विशेष संवाद कार्यक्रम का आयोजन DFCCIL प्रयागराज टीम द्वारा किया गया जिसमें रेलवे, इंफ्रास्ट्रक्चर, इंजीनियरिंग, सुरक्षा, ऑपरेशन और बिजनेस डेवलपमेंट से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी, विश्वविद्यालय के शिक्षाविद और बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए।

डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर: भारत के परिवहन भविष्य की मजबूत नींव
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर भारत सरकार के रेल मंत्रालय की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है जिसका उद्देश्य माल परिवहन को तेज सुरक्षित और किफायती बनाना है। DFCCIL के माध्यम से देश में अलग से मालगाड़ियों के लिए आधुनिक रेल नेटवर्क विकसित किया जा रहा है जिससे यात्री और माल यातायात दोनों अधिक सुचारू हो सके।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने बताया कि फ्रेट कॉरिडोर के संचालन से लॉजिस्टिक्स लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी उद्योगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और देश की सप्लाई चेन मजबूत होगी। यह परियोजना मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे राष्ट्रीय अभियानों को भी नई मजबूती प्रदान कर रही है।

शिक्षा और उद्योग के बीच संवाद का सशक्त मंच
यह एक्सक्लूसिव इंटरेक्शन प्रोग्राम विश्वविद्यालय और उद्योग के बीच सेतु का काम करता नजर आया। MMMUT गोरखपुर के छात्रों और शिक्षकों को DFCCIL के वरिष्ठ अधिकारियों से सीधे संवाद करने का अवसर मिला। इस संवाद के माध्यम से छात्रों को यह समझने का मौका मिला कि बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स किस तरह से योजना, डिजाइन, क्रियान्वयन और संचालन के स्तर पर काम करते हैं। साथ ही वास्तविक चुनौतियों और उनके समाधान पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

कार्यक्रम में मौजूद प्रमुख अतिथि और वक्ता
कार्यक्रम की गरिमा वरिष्ठ अधिकारियों और शिक्षाविदों की उपस्थिति से और बढ़ गई। प्रमुख रूप से शामिल रहे:
- प्रो. जय प्रकाश सैनी – माननीय कुलपति, MMMUT गोरखपुर
- श्री ए. बी. सरन – चीफ जनरल मैनेजर, DFCCIL प्रयागराज
- श्री ए. एस. तोमर – ग्रुप जनरल मैनेजर (S&T/CO)
- श्री आशीष मिश्रा – जनरल मैनेजर (सिक्योरिटी/EDFC)
- श्री मन्नू प्रकाश दुबे – अपर महाप्रबंधक (ऑपरेशन्स एवं बिजनेस डेवलपमेंट/EDFC)
- श्री राजनाथ सिंह – डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर (इलेक्ट्रिकल), प्रयागराज
- श्री भुवनेश पांडेय – जूनियर प्रोजेक्ट मैनेजर (इंजीनियरिंग), प्रयागराज
Transforming Transportation विषय पर विस्तृत मंथन
कार्यक्रम के दौरान Future of Freight Corridors, Innovations and Opportunities जैसे विषयों पर गहन चर्चा की गई। DFCCIL के विशेषज्ञों ने बताया कि किस तरह अत्याधुनिक तकनीक, ऑटोमेशन, पूर्ण इलेक्ट्रिफिकेशन और स्मार्ट ट्रैक सिस्टम के माध्यम से मालगाड़ियों की गति और वहन क्षमता कई गुना बढ़ाई जा रही है। वक्ताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर आने वाले वर्षों में केवल रेलवे ही नहीं बल्कि पूरे लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक सेक्टर में बड़ा बदलाव लाने वाला है।
छात्रों के लिए करियर और रोजगार के नए अवसर
MMMUT के छात्रों के लिए यह कार्यक्रम खास तौर पर उपयोगी साबित हुआ। DFCCIL अधिकारियों ने रेलवे और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में उपलब्ध करियर विकल्पों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इंजीनियरिंग, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, सुरक्षा, ऑपरेशन, सिग्नलिंग, इलेक्ट्रिकल और बिजनेस डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए कई अवसर मौजूद हैं। प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान छात्रों ने ट्रेनिंग, भर्ती प्रक्रिया, आवश्यक स्किल्स और करियर ग्रोथ से जुड़े सवाल पूछे, जिनका अधिकारियों ने व्यावहारिक और स्पष्ट उत्तर दिया।

कुलपति का प्रेरणादायक संदेश
माननीय कुलपति प्रो. जय प्रकाश सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे संवाद कार्यक्रम छात्रों को किताबी ज्ञान से आगे ले जाकर वास्तविक दुनिया की समझ प्रदान करते हैं। उन्होंने DFCCIL का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय और उद्योग के सहयोग से ही तकनीकी शिक्षा को मजबूत बनाया जा सकता है। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे इस तरह के अवसरों का पूरा लाभ उठाएं और देश के विकास में अपनी भूमिका निभाएं।
DFCCIL की भविष्य की योजनाएं
DFCCIL अधिकारियों ने जानकारी दी कि आने वाले समय में फ्रेट कॉरिडोर के नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा और नई तकनीकों को शामिल किया जाएगा। इससे माल परिवहन और अधिक सुरक्षित, पर्यावरण के अनुकूल और समयबद्ध होगा।उन्होंने कहा कि DFCCIL केवल एक रेल परियोजना नहीं, बल्कि भारत की आर्थिक प्रगति को गति देने वाला एक मजबूत आधार है।


