नई दिल्ली, 28 सितंबर 2026। भारत को रूस से मिलने वाली कच्चे तेल की आपूर्ति पर आने वाले महीनों में दबाव बढ़ सकता है। चार व्यापारिक सूत्रों के हवाले से रॉयटर्स ने बताया कि रूस के घटते निर्यात और चीन की मजबूत खरीद के कारण भारतीय रिफाइनरों को अक्टूबर और नवंबर में पर्याप्त रूसी कच्चा तेल मिलने में दिक्कत हो सकती है।
रूस 2022 से भारत के समुद्री मार्ग से आने वाले कच्चे तेल का प्रमुख स्रोत रहा है। लेकिन हाल के महीनों में चीन ने खरीद बढ़ाई है, जबकि रूस से उपलब्ध निर्यात मात्रा भी कुछ मार्गों पर प्रभावित हुई है।
रॉयटर्स के अनुसार सितंबर में भारत पहुंचने वाला रूसी तेल लगभग 17.5 लाख बैरल प्रतिदिन रह सकता है, जो अप्रैल के बाद सबसे निचला स्तर होगा। अगस्त में भी रूसी तेल की आवक जुलाई की तुलना में करीब 16.5 प्रतिशत घटकर लगभग 21 लाख बैरल प्रतिदिन रही थी।
भारतीय रिफाइनर विकल्प के तौर पर संयुक्त अरब अमीरात के मर्बन, इराक के बसराह और अंगोला से मिलने वाले कच्चे तेल की ओर देख रहे हैं। महंगे विकल्पों पर निर्भरता से आने वाले महीनों में भारतीय रिफाइनरों की लागत और देश के आयात बिल पर असर पड़ सकता है।
स्रोत: व्यापारिक सूत्रों पर आधारित रॉयटर्स रिपोर्ट।