नई दिल्ली: भारत के यात्री वाहन बाजार में अगस्त 2026 में एक अहम बदलाव दर्ज हुआ। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (FADA) के आंकड़ों के मुताबिक CNG, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक समेत वैकल्पिक ईंधन वाले यात्री वाहनों की खुदरा बिक्री पहली बार पेट्रोल से चलने वाली कारों की बिक्री से आगे निकल गई।
Reuters की 7 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त में वैकल्पिक ईंधन वाले यात्री वाहनों की हिस्सेदारी करीब 42 प्रतिशत रही, जबकि पेट्रोल वाहनों की हिस्सेदारी लगभग 41 प्रतिशत रही। यह बदलाव इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि एक साल पहले तक पेट्रोल कारों को करीब 11 प्रतिशत अंक की बढ़त हासिल थी।
इस बदलाव के पीछे वाहन चलाने की लागत, ईंधन की कीमतों और ग्राहकों की बदलती पसंद जैसे कई कारण बताए जा रहे हैं। CNG वाहनों की कम परिचालन लागत, हाइब्रिड तकनीक और इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती उपलब्धता ने खरीदारों के विकल्प बढ़ाए हैं।
E20 को लेकर भी बाजार में चर्चा
भारत में पेट्रोल में 20 प्रतिशत तक एथेनॉल मिश्रण वाले E20 ईंधन की ओर बढ़ने के बीच पुराने वाहनों के मालिकों के बीच माइलेज और इंजन प्रदर्शन को लेकर चिंता भी सामने आई है। सरकार ने इन आशंकाओं को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए जाने वाला बताया है, लेकिन बाजार में ईंधन तकनीक को लेकर चर्चा जारी है।
कुल वाहन खुदरा बिक्री भी अगस्त में मजबूत रही। FADA के अनुसार सभी श्रेणियों को मिलाकर वाहन खुदरा बिक्री सालाना आधार पर 17.5 प्रतिशत बढ़कर करीब 24 लाख इकाई रही। दोपहिया और यात्री वाहन खंड में मांग ने इस वृद्धि में योगदान दिया।
ऑटो बाजार के लिए यह बदलाव केवल बिक्री के आंकड़े का मामला नहीं है। यह संकेत देता है कि भारतीय ग्राहक अब खरीद कीमत के साथ-साथ चलाने की लागत, ईंधन विकल्प और वाहन तकनीक को भी अधिक महत्व दे रहे हैं। आने वाले महीनों में कंपनियों की मॉडल रणनीति और डीलर नेटवर्क पर भी इसका असर दिखाई दे सकता है।
स्रोत: Reuters और FADA के उपलब्ध आंकड़ों पर आधारित स्वतंत्र समाचार रिपोर्ट।
