नई दिल्ली: दिल्ली के सत्य निकेतन में छात्र PG की इमारत गिरने की घटना के बाद आसपास चल रहे PG और हॉस्टल की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। नगर निगम ने हादसे वाली इमारत से सटी एक इमारत को खाली कराकर सील कर दिया है। इस भवन में लड़कियों की PG चल रही थी। अधिकारियों के मुताबिक इमारत जर्जर हालत में पाई गई और इसमें रहने वाले किरायेदारों को नजदीकी सामुदायिक भवन में स्थानांतरित किया गया।
रविवार को सत्य निकेतन में पांच मंजिला छात्र आवासीय इमारत के गिरने से राहत और बचाव अभियान शुरू हुआ। हादसे वाली इमारत में ‘Hostel Daze’ नाम से लड़कों की PG चल रही थी। घटना के बाद प्रशासन ने आसपास की इमारतों की स्थिति की भी जांच शुरू की, ताकि किसी दूसरी कमजोर संरचना से छात्रों की सुरक्षा को खतरा न हो।
नगर निगम के दक्षिण क्षेत्र के अधिकारियों के अनुसार, हादसे से सटी इमारत को खाली कराने के बाद सील किया गया है और उसे गिराने की प्रक्रिया की तैयारी की जा रही है। इस भवन में रह रहे लोगों को फिलहाल सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है। यह कार्रवाई इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि सत्य निकेतन और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के आसपास का इलाका बड़ी संख्या में निजी PG, छात्रावास और किराये के कमरों के लिए जाना जाता है।
इस हादसे के बाद छात्रों की सुरक्षा और PG संचालकों की जिम्मेदारी को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, इलाके में कई आवासीय इमारतों को छात्र PG और हॉस्टल के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में भवन की संरचनात्मक मजबूती, निर्माण नियमों का पालन, बेसमेंट में होने वाले काम और आपातकालीन निकासी व्यवस्था की जांच अहम हो गई है।
छात्रों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था
हादसे के बाद आसपास के कुछ PG खाली कराए जाने से प्रभावित छात्रों के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के कॉलेजों ने भी सहायता शुरू की। भारतीय एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, मैत्रेयी कॉलेज और जीसस एंड मैरी कॉलेज जैसे संस्थानों ने जरूरत पड़ने पर PG से निकाले गए छात्रों के लिए अस्थायी ठहरने की व्यवस्था की। कुछ छात्रों को अपने सामान के साथ कॉलेज परिसरों में पहुंचते हुए भी देखा गया।
दिल्ली विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने बताया कि कुछ छात्रों ने मलबे में फंसे लोगों की मदद के लिए भी मौके पर पहुंचकर सहयोग किया। दूसरी ओर, आसपास रहने वाले छात्रों में भी चिंता बढ़ी है और कई लोग हादसे के बाद अपने रिश्तेदारों या दूसरे सुरक्षित ठिकानों पर जाने की तैयारी कर रहे हैं।
PG इलाकों में सुरक्षा जांच की जरूरत
सत्य निकेतन की घटना ने दिल्ली के उन इलाकों में चल रहे निजी PG और छात्रावासों की सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान खींचा है जहां सीमित जगह में बड़ी संख्या में छात्र रहते हैं। प्रशासन के सामने अब यह चुनौती है कि कमजोर या नियमों का उल्लंघन करने वाली इमारतों की पहचान समय रहते की जाए और छात्रों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया जाए।
हादसे की मूल वजह की जांच जारी है। शुरुआती रिपोर्टों में बेसमेंट में मरम्मत या निर्माण कार्य का उल्लेख किया गया है, लेकिन नगर निगम अधिकारियों ने कहा है कि मलबा हटने और जांच पूरी होने से पहले कारण पर अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
स्रोत: Reuters, Associated Press, The Indian Express और Times of India की 6 सितंबर 2026 की रिपोर्टों के आधार पर।