नई दिल्ली। आगामी त्योहारों के बीच चीनी की कीमतों पर नजर रखते हुए केंद्र सरकार ने चीनी मिलों को बाजार में पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखने और उचित कीमतों पर बिक्री सुनिश्चित करने को कहा है। सरकार का यह कदम ऐसे समय आया है जब घरेलू चीनी कीमतें पिछले कुछ समय में बढ़ी हैं और त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने की संभावना है।
रॉयटर्स के अनुसार, खाद्य मंत्रालय ने चीनी मिलों से कहा है कि वे त्योहारों के दौरान पर्याप्त स्टॉक बाजार में उपलब्ध रखें। मंत्रालय के संयुक्त सचिव अश्विनी श्रीवास्तव के हवाले से बताया गया कि हालिया कीमत वृद्धि को केवल मांग बढ़ने से जोड़ना सही नहीं है; सरकार ने जमाखोरी को भी एक कारण बताया है।
सरकार ने घरेलू उपलब्धता बढ़ाने के लिए 10 लाख मीट्रिक टन चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दी है। रिपोर्ट के मुताबिक अब तक करीब 8 लाख मीट्रिक टन के आयात के लिए आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। लगभग एक दशक बाद भारत ने ब्राजील से चीनी आयात की दिशा में भी कदम बढ़ाया है।
सरकारी और बाजार आंकड़ों के मुताबिक चीनी की कीमतें पिछले दो महीनों की तुलना में अभी भी करीब 20 प्रतिशत ऊपर हैं, हालांकि हाल में इनमें कुछ नरमी आई है। आने वाले दिनों में गणेश चतुर्थी, दशहरा और दीपावली जैसे त्योहारों के कारण खपत बढ़ने की संभावना को देखते हुए सरकार आपूर्ति और कीमतों पर करीबी नजर रख रही है।
खाद्य मंत्रालय ने संकेत दिया है कि यदि कीमतों में फिर से तेज बढ़ोतरी होती है तो बाजार को स्थिर रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं। सरकार मासिक चीनी उत्पादन और बिक्री के आंकड़ों की निगरानी भी बढ़ा रही है, ताकि उपलब्धता और कीमतों को लेकर समय पर नीतिगत निर्णय लिए जा सकें।
चीनी क्षेत्र के लिए यह निगरानी किसानों, मिलों और उपभोक्ताओं—तीनों के लिहाज से महत्वपूर्ण है। सरकार के सामने एक ओर घरेलू उपभोक्ताओं के लिए कीमतों को नियंत्रित रखने की चुनौती है, वहीं दूसरी ओर चीनी मिलों और गन्ना किसानों के हितों के बीच संतुलन बनाए रखना भी जरूरी है।
उपभोक्ताओं के लिए क्या मायने? त्योहारों से पहले सरकार का मुख्य लक्ष्य बाजार में कृत्रिम कमी या जमाखोरी की स्थिति बनने से रोकना और खुदरा बाजार में पर्याप्त चीनी उपलब्ध रखना है। हालांकि स्थानीय बाजार में वास्तविक खुदरा कीमतें शहर, ब्रांड और बिक्री केंद्र के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं।
यह रिपोर्ट उपलब्ध आधिकारिक जानकारी और विश्वसनीय समाचार स्रोतों पर आधारित है। स्थानीय बाजार कीमतों में बदलाव के लिए उपभोक्ताओं को अपने क्षेत्र के ताजा भाव की पुष्टि करनी चाहिए।