कश्मीर

ऐतिहासिक दिन कश्मीर घाटी में पहली मालगाड़ी पहुंची, प्रधानमंत्री ने कहा — वाणिज्य और संपर्क के लिए

प्रधानमंत्री ने कश्मीर घाटी में पहली मालगाड़ी के आगमन की सराहना की, कहा — वाणिज्य और संपर्क के लिए ऐतिहासिक दिन

कश्मीर

श्रीनगर:
कश्मीर घाटी के लिए आज का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया, जब यहां पहली बार मालगाड़ी पहुंची। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि की सराहना करते हुए इसे “वाणिज्य, संपर्क और विकास के लिए महान दिन” बताया। उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल स्थानीय व्यापार और उद्योग को गति देगा, बल्कि घाटी को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने में भी एक मील का पत्थर साबित होगा।

प्रधानमंत्री ने अपने सोशल मीडिया संदेश में लिखा, “कश्मीर घाटी में पहली मालगाड़ी का आगमन विकास की दिशा में बड़ा कदम है। यह न केवल वाणिज्य के नए अवसर खोलेगा बल्कि पर्यटन और स्थानीय रोजगार में भी तेजी लाएगा।”

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारतीय रेल लंबे समय से कश्मीर घाटी को देश के बाकी हिस्सों से सीधे जोड़ने के लिए कार्यरत थी। ऊधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक प्रोजेक्ट (USBRL) इस दिशा में सबसे महत्वाकांक्षी परियोजना रही है, जिसे चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों, बर्फीले मौसम और ऊंचे पहाड़ी इलाकों में सुरंग निर्माण जैसी कठिनाइयों के बीच पूरा किया गया।
अब इस परियोजना का एक बड़ा चरण पूरा होने के साथ ही घाटी में पहली बार मालगाड़ी का संचालन संभव हुआ है।

व्यापार और उद्योग के लिए लाभ

पहले घाटी में वस्तुओं की आपूर्ति मुख्य रूप से सड़क मार्ग से होती थी, जिसमें समय और लागत दोनों अधिक लगते थे। सर्दियों में जब भारी बर्फबारी के कारण सड़कें बंद हो जाती थीं, तब आपूर्ति श्रृंखला पर गहरा असर पड़ता था।
मालगाड़ी के आगमन से अब कोयला, सीमेंट, खाद्य सामग्री, सब्जियां, फल, औद्योगिक मशीनरी और अन्य आवश्यक वस्तुएं कम समय में और कम लागत पर पहुंचाई जा सकेंगी।
स्थानीय सेब और अन्य बागवानी उत्पाद भी अब रेल के जरिए देश के अलग-अलग हिस्सों में तेजी से पहुंच सकेंगे, जिससे किसानों और व्यापारियों को बड़ा फायदा होगा।

रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर असर

रेल कनेक्टिविटी से स्थानीय युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। परिवहन, वेयरहाउसिंग, पैकेजिंग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में नए उद्यम खुलेंगे। इसके अलावा पर्यटन उद्योग को भी अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि बेहतर संपर्क से पर्यटकों की आवाजाही आसान होगी।

संपर्क और एकता का प्रतीक

प्रधानमंत्री ने इस उपलब्धि को “देश के अलग-अलग हिस्सों के बीच भाईचारे और एकता का प्रतीक” बताया। उनका कहना है कि जब परिवहन और व्यापार के रास्ते खुलते हैं, तो लोग एक-दूसरे के और करीब आते हैं, विचारों और संस्कृतियों का आदान-प्रदान बढ़ता है और राष्ट्र की एकता मजबूत होती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *