जकार्ता: इंडोनेशिया में अनाक क्राकाटोआ ज्वालामुखी से निकली राख के कारण सात हवाई अड्डों को बंद रखा गया है। इनमें राजधानी जकार्ता के दो प्रमुख एयरपोर्ट भी शामिल हैं। ज्वालामुखी गतिविधि के कारण 2,300 से अधिक उड़ानें प्रभावित हुई हैं और 2.7 लाख से ज्यादा यात्रियों पर असर पड़ा है।
अनाक क्राकाटोआ ने शुक्रवार रात से गतिविधि तेज की थी। अधिकारियों के अनुसार राख के बादल हवा और शुष्क मौसम के साथ फैल रहे हैं, जिससे विमानों के इंजन के लिए खतरा बढ़ जाता है। सोएकार्नो-हट्टा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को सोमवार शाम कम से कम छह बजे तक बंद रखने की जानकारी दी गई है।
इंडोनेशियाई अधिकारियों ने लोगों को बाहर निकलते समय मास्क पहनने की सलाह दी है। जकार्ता और लैम्पुंग के कुछ इलाकों में स्कूलों को अस्थायी रूप से ऑनलाइन कक्षाओं की ओर भेजा गया है। विमान संचालन सामान्य होने का समय मौसम और राख की स्थिति पर निर्भर करेगा।
अनाक क्राकाटोआ जावा और सुमात्रा के बीच समुद्री क्षेत्र में स्थित है। यह क्षेत्र पहले भी बड़े ज्वालामुखीय हादसों का सामना कर चुका है। अधिकारियों ने कहा है कि आगे भी विस्फोट की संभावना को देखते हुए स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
यह रिपोर्ट Reuters की 7 सितंबर 2026 की जानकारी और इंडोनेशियाई अधिकारियों से संबंधित ताजा अपडेट पर आधारित है। उड़ानों की स्थिति बदल सकती है, इसलिए यात्रियों को एयरलाइन और एयरपोर्ट की ताजा सूचना देखने की सलाह दी जाती है।
