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यूक्रेन युद्ध पर बड़ा कूटनीतिक संकेत: मोदी और शी जिनपिंग ने पुतिन को शांति वार्ता में मदद की पेशकश की

संपादक: Arvind Kumar Sahani |प्रकाशित: 14 सितम्बर 2026, 01:40 पूर्वाह्न
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नई दिल्ली। रूस ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने यूक्रेन संकट के समाधान के लिए अपनी सेवाएं देने की पेशकश की है। यह घटनाक्रम नई दिल्ली में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान सामने आया।

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव के अनुसार, मोदी और शी ने यूक्रेन समझौते में गहरी रुचि दिखाई और समाधान खोजने में मदद की पेशकश की। पेस्कोव ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दोनों नेताओं की इस तत्परता का स्वागत किया है।

यह बयान ऐसे समय आया है जब रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी हैं। भारत लगातार संवाद और कूटनीति के जरिए संघर्ष के समाधान पर जोर देता रहा है, जबकि चीन भी वार्ता के जरिए राजनीतिक समाधान की वकालत करता रहा है।

हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इस संभावित पहल को रूस, यूक्रेन और अन्य संबंधित पक्ष किस रूप में आगे बढ़ाएंगे। उपलब्ध जानकारी में इसे औपचारिक शांति प्रक्रिया की घोषणा के बजाय कूटनीतिक मदद की पेशकश के रूप में बताया गया है।

आगे की बातचीत और संबंधित देशों की प्रतिक्रिया यह तय करेगी कि इस पहल का यूक्रेन युद्ध की शांति प्रक्रिया पर कितना व्यावहारिक असर पड़ता है।