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यमन के मोखा बंदरगाह पर हूतियों का कब्जा, बाब-अल-मंदेब में बढ़ा खतरा; भारत समेत वैश्विक व्यापार पर नजर

संपादक: Arvind Kumar Sahani |प्रकाशित: 11 सितम्बर 2026, 02:14 पूर्वाह्न
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यमन में ईरान समर्थित हूती लड़ाकों ने लाल सागर के रणनीतिक तटीय शहर मोखा पर कब्जा कर लिया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब क्षेत्रीय संघर्ष फिर तेज हुआ है और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य को लेकर सुरक्षा चिंता बढ़ रही है।

रॉयटर्स के अनुसार हूती बलों ने मोखा पर नियंत्रण के साथ लाल सागर के तट पर अपनी स्थिति मजबूत की है और हानिश द्वीपों की ओर भी बढ़त की खबर है। बाब-अल-मंदेब लाल सागर और अदन की खाड़ी को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, इसलिए यहां किसी भी लंबे व्यवधान का असर जहाजरानी, ऊर्जा आपूर्ति और माल ढुलाई पर पड़ सकता है।

सऊदी समर्थित यमनी सरकारी बलों और हूतियों के बीच लड़ाई बढ़ने से क्षेत्रीय तनाव भी गहरा सकता है। रॉयटर्स ने बताया है कि हूतियों ने सऊदी अरब से जुड़े जहाजों के खिलाफ नौसैनिक नाकाबंदी की घोषणा की है, जबकि अंतरराष्ट्रीय शिपिंग के लिए उनके रुख को अलग बताया गया है।

भारत के लिए भी यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण है क्योंकि लाल सागर-स्वेज मार्ग यूरोप और पश्चिम एशिया के साथ भारतीय व्यापार के लिए प्रमुख समुद्री गलियारों में से एक है। यदि जहाजों को लंबा वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ता है तो माल ढुलाई का समय और लागत बढ़ सकती है।

स्रोत: Reuters की 10 सितंबर 2026 की रिपोर्ट और Bab-el-Mandeb पर उसका explainer.