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भारत में खाद्य सुरक्षा पर बड़ी सख्ती, FSSAI के अभियान से बढ़ी निगरानी

संपादक: Arvind Kumar Sahani |प्रकाशित: 08 सितम्बर 2026, 01:13 अपराह्न
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भारत में खाद्य सुरक्षा पर बड़ी सख्ती, FSSAI के अभियान से बढ़ी निगरानी

नई दिल्ली, 8 सितंबर 2026: भारत में खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर केंद्र और राज्य स्तर पर नियामकीय कार्रवाई तेज हुई है। Reuters की ताजा रिपोर्ट के अनुसार Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) और राज्य नियामक खाद्य कारोबारों में निरीक्षण, लाइसेंस कार्रवाई और कानूनी कदम बढ़ा रहे हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक 2020 के बाद से हर साल एक लाख से अधिक खाद्य नमूनों की जांच की गई और सरकारी आंकड़ों में लगभग हर पांच में से एक नमूना असुरक्षित, मानकों से नीचे या उचित लेबलिंग के बिना पाया गया। पिछले तीन वर्षों में करीब 8,000 खाद्य कारोबार लाइसेंस रद्द किए जाने की जानकारी भी रिपोर्ट में दी गई है।

लेबलिंग पर भी बढ़ी बहस

खाद्य सुरक्षा अभियान केवल स्वच्छता जांच तक सीमित नहीं है। FSSAI ने पैकेज्ड खाद्य पदार्थों में अधिक मात्रा वाले चीनी, नमक और संतृप्त वसा को सामने से चेतावनी के जरिए दिखाने का प्रस्ताव रखा है। उद्योग जगत का कहना है कि प्रस्तावित सीमा कई उत्पादों को चेतावनी लेबल के दायरे में ला सकती है, जबकि सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का तर्क है कि उपभोक्ताओं को अधिक स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए।

इस प्रस्ताव की समीक्षा 10 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में होनी है। इसलिए आने वाले दिनों में खाद्य लेबलिंग और उपभोक्ता स्वास्थ्य से जुड़े नियमों पर चर्चा और तेज हो सकती है।

यूपी का मामला भी अभियान में शामिल

Reuters की रिपोर्ट के अनुसार हाल की कार्रवाई में उत्तर प्रदेश में एक अस्वच्छ प्रतिष्ठान से 1,300 किलोग्राम मिलावटी पनीर जब्त किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। ऐसे मामलों में अंतिम कानूनी निष्कर्ष संबंधित जांच और प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तय होगा।

खाद्य सुरक्षा नियमन का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना है। कारोबारियों के लिए भी लाइसेंस, स्वच्छता, भंडारण और लेबलिंग के निर्धारित मानकों का पालन महत्वपूर्ण है।

स्रोत: Reuters और FSSAI से संबंधित सार्वजनिक जानकारी।