📅 05 अक्टूबर 2026 | 📍 नई दिल्ली, भारत
GHAR TAK EXPRESS NEWS

भारत का अपना न्यूज़ पोर्टल

ब्रेकिंग न्यूज़
🔴 यूक्रेन पहुंचे जर्मन चांसलर मर्ज, रूस के हमलों के बीच 1.35 अरब यूरो की मदद और ड्रोन समझौते पर नजर🔴 पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर बड़ा हादसा: सैनिक का शव लेकर देवरिया जा रही एंबुलेंस ट्रक से टकराई, 4 की मौत🔴 फिरोजाबाद की टायर फैक्ट्री में भीषण आग, दमकल की कई गाड़ियां मौके पर; जांच की तैयारी🔴 एशियन गेम्स 2026 का समापन, भारत ने शानदार प्रदर्शन के साथ अभियान पूरा किया🔴 यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ बड़ा सैन्य अभियान शुरू, क्षेत्रीय तनाव बढ़ा🔴 OPEC+ का बड़ा फैसला, नवंबर में तेल उत्पादन लक्ष्य में नहीं होगा बदलाव🔴 दिल्ली-मुंबई में वोटर लिस्ट विवाद पर प्रदर्शन तेज, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग🔴 ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने से किया इनकार, वैश्विक तेल आपूर्ति पर बढ़ी चिंता🔴 भारत को हराकर वेस्टइंडीज ने रचा इतिहास, शाई होप की 162* की पारी से 352 रन का रिकॉर्ड चेज🔴 दिल्ली में वोटर लिस्ट विवाद पर फिर बवाल, प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया

इंडोनेशिया में ज्वालामुखी की राख से 7 एयरपोर्ट बंद, 2,300 से ज्यादा उड़ानें प्रभावित

संपादक: Arvind Kumar Sahani |प्रकाशित: 07 सितम्बर 2026, 11:26 पूर्वाह्न
WhatsApp Facebook
इंडोनेशिया में ज्वालामुखी की राख से 7 एयरपोर्ट बंद, 2,300 से ज्यादा उड़ानें प्रभावित

जकार्ता: इंडोनेशिया में अनाक क्राकाटोआ ज्वालामुखी से निकली राख के कारण सात हवाई अड्डों को बंद रखा गया है। इनमें राजधानी जकार्ता के दो प्रमुख एयरपोर्ट भी शामिल हैं। ज्वालामुखी गतिविधि के कारण 2,300 से अधिक उड़ानें प्रभावित हुई हैं और 2.7 लाख से ज्यादा यात्रियों पर असर पड़ा है।

अनाक क्राकाटोआ ने शुक्रवार रात से गतिविधि तेज की थी। अधिकारियों के अनुसार राख के बादल हवा और शुष्क मौसम के साथ फैल रहे हैं, जिससे विमानों के इंजन के लिए खतरा बढ़ जाता है। सोएकार्नो-हट्टा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को सोमवार शाम कम से कम छह बजे तक बंद रखने की जानकारी दी गई है।

इंडोनेशियाई अधिकारियों ने लोगों को बाहर निकलते समय मास्क पहनने की सलाह दी है। जकार्ता और लैम्पुंग के कुछ इलाकों में स्कूलों को अस्थायी रूप से ऑनलाइन कक्षाओं की ओर भेजा गया है। विमान संचालन सामान्य होने का समय मौसम और राख की स्थिति पर निर्भर करेगा।

अनाक क्राकाटोआ जावा और सुमात्रा के बीच समुद्री क्षेत्र में स्थित है। यह क्षेत्र पहले भी बड़े ज्वालामुखीय हादसों का सामना कर चुका है। अधिकारियों ने कहा है कि आगे भी विस्फोट की संभावना को देखते हुए स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

यह रिपोर्ट Reuters की 7 सितंबर 2026 की जानकारी और इंडोनेशियाई अधिकारियों से संबंधित ताजा अपडेट पर आधारित है। उड़ानों की स्थिति बदल सकती है, इसलिए यात्रियों को एयरलाइन और एयरपोर्ट की ताजा सूचना देखने की सलाह दी जाती है।